शक्ति विहार स्थित कालोनी में मंगलवार की रात हुई बाबा नानूनाथ और उनकी सहयोगी संत कलावती की हत्या के मामले में शक की सुई भक्तों पर है। पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है जो मंगलवार को बाबा से मिलने आए थे। विशेष कर मंगलवार की शाम आश्रम के आसपास देखे गए दो युवकों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
आश्रम के चारों तरफ आवासीय कालोनी है लेकिन हत्या कब ,कैसे और किसने की यह किसी को पता नहीं चला। पुलिस ने अभी तक जो तथ्य जुटाए हैं उसके अनुसार पिछले करीब दो दशक से बाबा नानूनाथ यहां आश्रम बनाकर रह रहे थे। मूल रूप से नारसन कला गांव के रहने वाले नानू नाथ का असली नाम मामचंद वाल्मीकि था।
वह सीआरपीएफ में नौकरी करता था। वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद यहां आश्रम बनाकर रह रहा था। आसपास के लोगों का कहना है कि बाबा तंत्र मंत्र भी करता था। जिसके लिए उनके पास दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग आते रहते थे। नानूनाथ के भाई श्रीचंद ने बताया कि उसके भाई की शादी हुई थी लेकिन भाभी की कम उम्र में ही मौत हो गई थी।
इसके बाद वह सीआरपीएफ में भर्ती हुआ। वे चार भाई थे लेकिन श्रीचंद के अलावा अब तीनों की मौत हो चुकी है श्रीचंद अपने बेटे संजय के साथ सहारनपुर में रहता है। पुलिस का मानना है कि भक्तों में कोई ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है। जिसकी बाबा से किसी बात को लेकर नाराजगी हो गई हो और उसने दोनों की हत्या कर दी।
पुलिस मंगलवार को आश्रम में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं आश्रम से पुलिस को एक कटोरी में सब्जी मिली है। जिसे पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। कोतवाली प्रभारी दिनेश भंडारी ने बताया कि इस सब्जी में भी जहर हो सकता है।