बहादराबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 25 नवंबर को एक नवजात की मौत से गुस्साये ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती और केंद्र के प्रभारी के ट्रांसफर मांग की।
मालूम हो कि अहमदपुर ग्रांट के लोकेंद्र ने पत्नी रुबी को अस्पताल में 25 नवंबर को प्रसव के लिए भर्ती किया था। रुबी ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन कुछ देर बाद की उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि लापरवाही से नवजात की मौत हुई है। शनिवार को परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र पर धरना-प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग उठाई कि स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे इमरजेंसी और अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध हो। सरकारी डाक्टरों के प्राइवेट नर्सिंग होम में ड्यूटी करने पर प्रतिबंध लगना चाहिए। मिशन दलित समाज के अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने कहा की स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के प्रति लापरवाही की जाती है। प्रसव वाली महिलाओं को यहां से जबरदस्ती निजी अस्पताल में भेजा जाता है। ग्रामीणों ने ओपीडी भी बंद करने की कोशिश की। सूचना पर बहादराबाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद मामले की शिकायत पर सीएमओ डा. सुषमा गुप्ता ने एसीएमओ डा. आरती ढोंढियाल को भेजा। सूचना पाकर जिला पंचायत सदस्य जयंत चौहान एवं ग्राम प्रधान नीरज चौहान भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा एचके सिंह के स्थानांतरण और नवजात की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसीएमओ ने मांगे को सीएमओ को भेजने की बात कही। इस मौके पर अमित कुमार, विशाल, बहर्मसियादास, प्रताप, धर्मेंद्र, संजय, सन्नी कुमार, राहुल, रोबिन, अम्बरीष कुमार, सोनू कुमार, तेलूराम, सत्यपाल सिंह, राजू आदि लोग मौजूद रहे।