हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के गोकुल धाम (सुभाष नगर) में शामली के एक युवक की रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपी का कहना है कि मृतक अपने साथी के साथ उसकी हत्या करने की नीयत से आया था और हाथापाई में रॉड उसके सिर पर लगने से सीढ़ियों से नीचे गिरने पर उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से एक देसी तमंचा, कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। आरोपी के साझेदार ने ही उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शनिवार सुबह करीब सवा पांच बजे ज्वालापुर पुलिस को सूचना मिली की 40वीं वाहिनी पीएसी के पास एक युवक की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलने पर एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर, सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर एक युवक की खून से लथपथ लाश पड़ी थी और पास में एक देसी तमंचा, कारतूस, खोखे पड़े थे। गोकुल धाम में लक्ष्मी नारायण प्रॉपर्टीज कार्यालय के ऊपर किराये पर रहने वाले नीरज मलिक (पुत्र ब्रह्मसिंह) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मृतक गौरव (पुत्र साहब सिंह) गांव लाक, थाना पुगाना, जिला शामली का रहने वाला था। आरोपी भी उसी गांव का रहने वाला है। शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया और आवाज दी कि ‘ईंट आई है, उसे उतरवा लो’। जब दरवाजा खोला तो बाहर खड़े गौरव ने उस पर फायर झोंक दिया। उसने बताया गोली उसके कान के पास से निकल गई। उसके बाद उसकी गौरव से हाथापाई हुई। कमरे में पड़ी लोहे की रॉड हाथ में आने पर उसने गौरव के सिर पर मार दी। गौरव लड़खड़ाते हुए सीढ़ियों से सीधे नीचे जा गिरा और उसकी मौत हो गई। बताया कि नीचे खड़े गौरव के साथी ने उस पर कई राउंड फायर किए लेकिन वह दरवाजा बंद कर अंदर छिप गया। फिर उसने ज्वालापुर कोतवाली के कांस्टेबल जितेंद्र मलिक को सूचना दी। बताया कि मृतक का भाई पिछले कई दिन से उससे तीन लाख रुपये मांग रहा था और न देने पर हत्या की धमकी दे रहा था। कोतवाल धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि घटनास्थल से असलहा, कारतूस और खोखे बरामद कर लिए हैं। आरोपी के साझेदार प्रॉपर्टी डीलर अनिल राणा की ओर से आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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चाचा की हत्या का आरोपी था गौरव
हरिद्वार। मृतक गौरव मलिक कुछ माह पूर्व जेल से जमानत पर छूटा था। आरोपी ने अपने चाचा की प्रॉपर्टी विवाद में हत्या कर दी थी। उसका बड़ा भाई सौरभ अब भी जेल में है। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शामली पुलिस से संपर्क साधा गया है।
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एसएसपी कार्यालय में की थी शिकायत
हरिद्वार। आरोपी जितेंद्र मलिक की मानें तो उससे पिछले कई दिन से चौथ मांगी जा रही थी। उसने हाल में गांव में अपनी जमीन बेची है। गौरव और सौरभ भी उसी के पड़ोसी हैं। वह करीब पांच साल पूर्व यहां आकर बस गया था और सुभाषनगर के रहने वाले अनिल राणा के साथ ही प्रॉपर्टी का काम करने लगा। कुछ समय तक उसने भैंसा बुग्गी भी चलाई। पिछले कुछ दिन से सौरभ ने कई बार उसे फोन कर तीन लाख रुपये देने को कहा। लेकिन उसने उसकी सुनी नहीं। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर इस बारे में शिकायत भी की गई। बताया कि चार दिन से गौरव उसे नकली खरीददार बनकर फोन कर रहा था और शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे ही उसने अपनी पहचान उजागर की। बकौल आरोपी कि मृतक ने रकम न देने पर कहा कि अब वह जिंदा नहीं बचेगा।
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कॉल डिटेल से खुलेगा राज
- प्रॉपर्टी डीलर की कहानी सच्ची है या झूठी, ये सीडीआर में होगा साफ
कुणाल दरगन
हरिद्वार। गौरव मलिक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकार्ड अहम साबित होगा। यदि, आरोपी की कहानी सच्ची है या झूठी, ये कॉल डिटेल रेकार्ड खंगालने से साफ होगी। एसओजी कॉल डिटेल निकालनी शुरू कर दी।
घटनास्थल से स्थानीय पुलिस को असलहा और कारतूस मिले तो है पर आरोपी की जुबानी कहानी पर अभी पूरा भरोसा नहीं है। कई सवाल घटनास्थल पर खड़े हो रहे हैं। बड़ी बात ये है कि, जब गौरव मलिक के हमले से प्रॉपर्टी डीलर नीरज यदि बच गया तब जब उसकी हाथापाई हुई तो दूसरे युवक ने नीरज को गोली क्यों नहीं मारी। जबकि, उसके पास अत्याधुनिक असलहा होने का दावा खुद प्रॉपर्टी डीलर नीरज ही कर रहा है और घटनास्थल से खाली कारतूस भी मिले हैं।
आखिर उसने गोली क्यों नहीं चलाई। क्योंकि, जब गौरव से हाथापाई हुई है तो दूसरे युवक को गोली चलाने का बहुत समय मिला होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। घटनास्थल पर पड़ोसियों ने गोलियों की आवाज सुनी है पर कोई चश्मदीद नहीं है। आरोपी प्रॉपर्टी डीलर ने कबूला है कि, उसके मोबाइल फोन पर लगातार अलग अलग नंबरों से कॉल आ रही थी। उसे डराया धमकाया जा रहा था। उसके पास कुछ कॉल की रिकार्डिंग भी है, जो अब पुलिस के पास है। इसलिए, अब पुलिस का पूरा फोकस प्रॉपर्टी डीलर के मोबाइल फोन पर है। दूसरी बड़ी बात मृतक के मोबाइल फोन की भी कॉल डिटेल रिकार्ड खंगाली जा रही है, ताकि मामले की तस्वीर साफ हो जाए।
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तो परिचित के घर ठहरा था गौरव
हरिद्वार। यह बात भी सामने आ रही है कि, मृतक अपने दोस्त के साथ यहां एक परिचित के घर ही ठहरा हुआ था। क्योंकि, हरिद्वार के भौगोलिक परिवेश से अंजान गौरव आखिर वहां तक पहुंचा कैसे, क्योंकि आरोपी ने भी गौरव के कभी यहां न आने की बात कही है। इस तरह की बात निकलकर आ रही है कि, मृतक का एक परिचित यहां ही रहता है और वो उसी के यहां ही था। ऐसी चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है।