हरिद्वार। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में फायरमैन की लिखित परीक्षा में हत्थे चढ़े दो मुन्ना भाई में से एक आरोपी रानीपुर कोतवाली परिसर से सीआईएसफ कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। देर शाम तक सीआईएसएफ की ओर से इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही थी।
मई माह में फायरमैन की भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा हुई थी। रविवार को लिखित परीक्षा थी। परीक्षा में 600 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। सुबह कुल 492 अभ्यर्थी पहुंचे। सीआईएसएफ भर्ती बोर्ड ने हर एक अभ्यर्थी के अंगुठे का मिलान फिर से कराया तो दो अभ्यर्थी के नहीं मिल पाए। जब दस्तावेज खंगाले गए तब उनकी फोटो भी आपस में मेल खाती नहीं मिली। सीआईएसएफ के उच्चाधिकारियों ने हाथ आए मुन्ना भाईयों को तुरंत स्थानीय पुलिस के सुपुर्द करने को कहा। सीआईएसएफ के करीब आधा दर्जन जवान दोनों को पकड़कर रानीपुर कोतवाली पहुंचे। उनकी ओर से अभी तहरीर भी नहीं दी गई थी कि एक आरोपी चकमा देकर भाग निकला। सीआईएसएफ के जवानों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। आरोपी की खोज शुरू की गई लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह के अनुसार अभ्यर्थियों के नाम अमिताभ पुत्र सोमपाल निवासी गांव माधोपुर थाना ननौता जिला सहारनपुर यूपी और नितेश चौधरी पुत्र शशिभूषण वर्मा निवासी गांव बहाद देवनगर माट जिला मथुरा यूपी है। जो आरोपी भागा है वह नितेश का भाई विवेक बताया जा रहा है जबकि दूसरे आरोपी से अभी पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी सीआईएसएफ कर्मचारियों की हिरासत में फरार हुआ है इसमें पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है।
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साहब मैं अमिताभ ही हूं
हरिद्वार। हत्थे चढ़े एक युवक का कहना है कि वह ही अमिताभ है। बस उसके फोटो अलग-अलग है। लेकिन बॉयोमैट्रिक मशीन से उसके अंगुठे के निशान का मिलान न होने पर उससे जवाब देते नहीं बना। सूचना पाकर उसका भाई भी कोतवाली पहुंचा। उसने भी युवक के ही असली अमिताभ होने का हवाला दिया लेकिन पुलिस ने पुख्ता साक्ष्य लेकर आने को कहा। जिससे यह साबित होता हो कि वह ही अमिताभ है।