हरिद्वार। बेटा-बेटी को मरा दर्शाकर उत्तराखंड एवं मध्यप्रदेश सरकार से सात लाख रुपये मुआवजा हड़पने वाले मध्यप्रदेश के दंपति को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। कोर्ट ने पुलिस को नाबालिग भाई-बहनों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने को कहा है।
हरिद्वार पुलिस ने मध्यप्रदेश के गांव रामनगर, बबुला थाना राजनगर जिला छतरपुर निवासी रामक्रपाल एवं उसकी पत्नी विद्यादेवी को केदारनाथ आपदा में बेटा-बेटी को मरा दर्शाकर मुआवजा हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दंपति यहां अपने पांच बच्चों के साथ विष्णुघाट के पास गंगा किनारे रह रहा था। मरे दर्शाए बेटा-बेटी भी साथ में थे और उनका नाम बदलकर उन्हें फिर से जिंदा कर दिया था। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी दंपति को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। बताया कि पांचों भाई बहनों को चाइल्ड हेल्प लाइन की मदद से बाल संरक्षण गृह में भेजने की तैयारी की जा रही है।