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दूधिये को मारपीट कर ट्रैक पर फेंका, टांग कटी

Wed, 10 Jun 2015 02:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/रुड़की
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ग्राम कमेलपुर निवासी दूध कारोबारी जयवीर उर्फ जैविक की चीखें ट्रेन की आवाज में दबकर रह गई। बदमाशों ने खाताखेड़ी रेलवे फाटक के पास जयवीर को बुरी तरह मारा पीटा और बेहोशी की हालत में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। गनीमत यह रही कि ट्रेन की चपेट में आने के बजाय वह रेंगते हुए नीचे गिर गया और उसकी जान बच गई।
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इस घटना में अपना बायां पैर गवां चुके जयवीर और उसके परिवार को इंसाफ का इंतजार है। चौकाने वाली बात यह है कि पुलिस इस सनीखेज वारदात के खुलासे के बजाए उसे दबाने में जुटी है। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कमेलपुर निवासी जयवीर पुत्र घसीटू अपने पिता के साथ आसपास के गांवों से दूध खरीदने और बेचने का काम करता है।

28 मई की तड़के करीब चार बजे वह खाताखेड़ी पहुंचा तो रेलवे फाटक बंद था। दो लोग पल्सर बाइक पर वहां पहले से मुंह पर कपड़ा लपेटे और हेलमेट लगाए खड़े थे। उसके रुकते ही उनमें से एक ने उसके सिर पर किसी भारी चीज से हमला किया। एक साथ कई वार किए जाने से वह बेहोश हो गया।
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इसके बाद उसे आरोपियों ने रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। जब उसे होश आया तो उसने अपने आपको अस्पताल में पड़ा पाया।  उसका बायां पैर घुटने के नीचे से काटा जा चुका था। हमलावर कौन थे और उन्होंने उस पर हमला क्यों किया इस बारे में भी उसे कुछ पता नहीं है।

जयवीर के पिता घसीटू के अनुसार उन्हें दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली तो तुरंत मौके पर पहुंचकर 108 एंबुलेंस की मदद से वे उसे अस्पताल ले गए जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण चिकित्सकों ने उसका बांया पैर काट दिया।

घसीटू के अनुसार चिकित्सकों का कहना है कि उसका पैर ट्रेन की चपेट में आने से नहीं कटा बल्कि पैर काटने के बाद इस हादसे का रूप देने के लिए हमलावराें ने उसे बेहोशी की हालत में ट्रैक पर फेंका। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में उन्होंने कोतवाली गंगनहर और इकबालपुर पुलिस चौकी पर अज्ञात के खिलाफ तहरीर अगले दिन ही दे दी थी।

अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमलावरों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस अभी उन्हें चिह्नित भी नहीं कर पाई।

हत्या करना चाहते थे हमलावर
परिजनों का कहना है कि जयवीर व्यवहार से मिलनसार और अपने काम से काम रखने वाला है। उसका किसी से कोई विवाद नहीं है। परिवार की भी किसी से कोई रंजिश नहीं है। ऐसे में हमला किसने और क्यों किया इसका वे अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं।

लूट के इरादे से तो हमला नहीं किया गया क्योंकि जयवीर की बाइक और जेब में रखे चार हजार सकुशल बरामद हो गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जयवीर के दो बेटे और एक बेटी है। छोटा बेटा जन्म के बाद से ही विकलांग है। अब जयवीर के विकलांग हो जाने से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। महंगे इलाज के साथ ही अब उसके परिवार का बोझ भी बुजुर्ग पिता और दोनों भाईयों पर आ पड़ा है।

परिजन से एसएसपी से घटना की जांच कराने और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि अभी यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। अब इसकी जांच कराई जाएगी।
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