पुलिस ने दो दिन पहले जिस वाहन चोर को गिरफ्तार किया था, उसके तार वेस्ट यूपी में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपी के फरार साथी की तलाश कर रही है। अभी इस बारे में और भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
गिरफ्तार किए गए वाहन चोर से पुलिस ने चार बाइक बरामद करने का दावा किया था। गिरोह के सदस्य चुराई गई बाइकों को फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र तैयार कर बेच देते थे। मंगलौर पुलिस ने दो दिन पहले लंढ़ौरा में काली माता चौराहे पर चेकिंग के दौरान एक स्पलेंडर बाइक चालक को संदेह होने पर पूछताछ के लिए रोका था।
जांच में पता चला था कि उसके पास मिली बाइक चोरी की थी। उसने अपना नाम बूडपुर थाना झबरेड़ा निवासी नीटू पुत्र राजकुमार बताया था और जानकारी दी थी कि वह अपने साथी टिकौला मंगलौर निवासी रविंद्र उर्फ कल्लू के साथ मिलकर बाइक चोरी कर उन्हें बेचता है। बाइकों के कागजात भी दोनों खुद ही फर्जी तरीके से तैयार करते हैं।
पुलिस ने नीटू की निशानदेही पर बेची गई तीन अन्य बाइक भी बरामद की। बरामद बाइकों के असली पंजीकरण नंबर भी परिवहन विभाग से मालूम किए। गिरोह के सदस्यों को पकड़ने वाली पुलिस पार्टी को एसएसपी की ओर से ढाई हजार का इनाम दिए जाने की घोषणा की है। सीओ जीबी पांडे, कोतवाल गोपाल दसौनी एसएसआई नवीन सेमवाल आदि मौजूद थे।
वाहन चोर को पकड़ने वाला पुलिस दल में एसआई सुखपाल सिंह, एसआई रघुवीर सिंह, बालम सिंह, सुशील चौहान, सतेंद्र, योगेंद्र, आकाश आदि शामिल रहे। कोतवाली प्रभारी गोपाल सिंह दसौनी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है।
इस गिरोह के सदस्यों के तार यूपी में सक्रिय वाहन चोरों से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। नीटू के फरार साथी की तलाश में छापे मारे गए, लेकिन अभी आरोपी का कुछ पता नहीं चल पाया है।