पूर्व ग्राम प्रधान एवं प्रॉपर्टी डीलर पप्पू पाटिल के कत्ल के नाम पर पचास लाख की सुपारी लेने के प्रकरण में रानीपुर पुलिस ने चार आरोपी दबोचे हैं। जबकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। रविवार को चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रानीपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी बबलू पाटिल ने अपने भाई प्रॉपर्टी डीलर पप्पू पाटिल के सहयोग से नजदीक के ही गांव हेमतपुर में कई बीघा भूमि खरीदी थी। भूमि बेचने वाले ग्रामीण के भाई रमेश ने भूमि को लेकर विवाद कोर्ट में वाद दाखिल किया था, जो अब तक चला आ रहा है। तब से रमेश लगातार पूर्व प्रधान पप्पू पाटिल पर अपने भाई बबलू पाटिल को भूमि से हाथ पीछे खींच लेने के लिए दबाव बना रहा था। बताया जा रहा कि 24 अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर पप्पू पाटिल के गांव सलेमपुर स्थित घर पर एक युवक मिथुन निवासी चांदपुर बिजनौर पहुंचा था।
युवक ने आरोप लगाया कि रमेश निवासी गांव हेतमपुर ने उसके कत्ल के लिए पचास लाख की सुपारी नरेश पुत्र हरपाल निवासी गांव मुंडाखेड़ा लक्सर, राजकुमार उर्फ राजू पुत्र प्रेम सिंह निवासी ब्रह्मपुरी रानीपुर, सोनू पुत्र राजेश निवासी गांव मिर्जापुर रायपुर बिजनौर एवं अजय पुत्र रामपाल निवासी लालढांग ढालूपुरी श्यामपुर को दी है। हरकत में आई पुलिस ने शनिवार की शाम को ही क्षेत्र में अलग अलग स्थानों से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अजय के कब्जे से एक देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि मुख्य आरोपी रमेश फरार होने में कामयाब रहा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि नरेश एवं राजू फुफेरे भाई हैं। आरोपी अजय मोटरसाइकिल चोरी एवं धारदार हथियार बरामद होने पर जेल जा चुका है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी है।
नहीं मिली फूटी कौड़ी
पूर्व ग्राम प्रधान के कत्ल की सुपारी भले ही पचास लाख देने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों से भी किसी को भी एक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। बकौल पुलिस की आरोपियों ने कबूला कि हत्या के बाद ही उन्हें रकम देने का वादा रमेश ने किया था, लेकिन अभी तक एक भी रुपया उन्हें नहीं मिला है।