गाजियाबाद के उद्यमी अनिल अरोड़ा अपहरण कांड के मुख्य साजिशकर्ता एयरफोर्स के जवान प्रदीप कुमार के कर्ज के दलदल में फंसने की कहानी सामने आई है। दरअसल एयरफोर्स के जवान ने तीन युवकों से एसएससी परीक्षा उत्तीर्ण कराने के नाम पर 18 लाख की रकम ली थी, जिसे बिचौलिया लेकर फरार हो गया था। तीनों युवक लगातार एयरफोर्स के जवान पर दबाव बनाए हुए थे। कर्ज उतारने के लिए अपहरण का ताना बाना बुना था।
मालूम हो कि 25 जनवरी गाजियाबाद के उद्यमी अनिल अरोड़ा का अपहरण हो गया था। शनिवार को गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने हरिद्वार तहसील के पास मुठभेड़ के बाद अनिल अरोड़ा को अपहरणकर्ताआें से मुक्त कराया था। मुठभेड़ के दौरान अपहरणकर्ता प्रदीप कुमार और राशिद गोली लगने से घायल हो गए थे। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।
जिला अस्पताल में भर्ती एयरफोर्स के जवान प्रदीप कुमार पुत्र वजीर निवासी दुर्गा कालोनी जिला जींद हरियाणा ने अपराध की राह पकड़ने की अपनी कहानी सुनाई। बकौल जवान कि उसने झज्जर हरियाणा के एक परिचित को तीन युवकों को एसएससी परीक्षा पास कराने के लिए 18 लाख की रकम दी थी। परीक्षा में तीनों युवक फेल हो गए और परिचित रकम लेकर फरार हो गया। तीनों युवक प्रदीप पर रकम लौटाने का दबाव बना रहे थे। कर्ज से उबरने के लिए उसने राशिद से संपर्क साधा था। पुलिस की माने तो पहले किसी धनाढ्य घर के किसी लड़के के अपहरण की योजना थी, लेकिन फिर राशिद ने उद्यमी अनिल अरोड़ा को सॉफ्ट टॉरगेट बताया। गुड़गांव में वेल्डर का कार्य कर रहा राशिद कई वर्ष से उद्यमी के संपर्क में था। इसलिए उसके झांसे में आकर उद्यमी तुरंत कार में बैठ गया था।
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हरिद्वार में फेंकने की बनी थी योजना
हरिद्वार। उद्यमी अनिल अरोड़ा को यहां बेहोशी की हालत में फेंकने की योजना भी एक बारगी बन गई थी, लेकिन फिर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। उन्हें उम्मीद थी कि वे फिरौती की रकम वसूलने में कामयाब रहेंगे। इसलिए अंबाला को फिरौती वसूलने का ठिकाना बनाया था। एक पुलिस टीम अंबाला में भी डेरा डाले हुए थी।
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आज करनी थी ड्यूटी ज्वाइन
हरिद्वार। चंडीगढ़ में एयरफोर्स छावनी में तैनात जवान प्रदीप कुमार सोमवार (आज) तक छुट्टी पर था। उसे मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। उससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हरिद्वार। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच के सीओ आतिश कुमार ने सरेशाम हुई मुठभेड़ के संबंध में कोतवाली ज्वालापुर में अपहरणकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास, पुलिस पार्टी पर हमला समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। जिला अस्पताल में चले उपचार के बाद सामान्य होने पर अपहरणकर्ताओं को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर गाजियाबाद ले जाने की तैयारी कर ली गई थी। देर शाम तक अपहरणकर्ताओं को लेकर पुलिस टीम कोर्ट में ही डटी हुई थी। उपचार के बाद अपहरणकर्ता प्रदीप और राशिद के हाथ व पांव में लगी गोली निकाल ली गई थी।