फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेवरात की रिकवरी को ज्वालापुर पहुंची मध्यप्रदेश पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार।
विज्ञापन

ट्रेन में शिक्षिका को नशीला बिस्कुट खिलाकर लूटे गए जेवर जहरखुरान गिरोह के बदमाश ने ज्वालापुर के एक सर्राफ को महज 35 हजार में बेचे थे। पुलिस कस्टडी रिमांड पर जहर खुरान को साथ लेकर यहां पहुंची मध्यप्रदेश पुलिस की टीम सर्राफ से जेवर की रिकवरी के लिए डेरा डाल दिया। पुलिस दबिश से पहले ही सर्राफ भागने में सफल रहा। सर्राफ की पैरवी के लिए दिन भर कई सर्राफ कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में ही डटे रहे।
शुक्रवार की देर शाम मध्यप्रदेश के थाना बीना जीआरपी (ग्वालियर) से निरीक्षक मोहन सिंह मोगेरे और पीएस परिहार की अगुवाई में एक पुलिस टीम कोतवाली ज्वालापुर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस को जानकारी दी कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह में दिल्ली से केरल एक्सप्रेस में सवार होकर विजयवाड़ा (गुजरात) जा रही पेशे से शिक्षिका जोएशुला भवानी निवासी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी सेक्टर तीन रेवाड़ी हरियाणा को नशीला बिस्कुट खिलाकर जेवर लूट लिए थे। इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश शर्मा निवासी शशीलो समसपुर जिला कटक उड़ीसा को पंद्रह मार्च को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में कबूला कि उसने जेवर चौक बाजार में सोहनलाल ज्वैलर्स के स्वामी ओमप्रकाश भारद्वाज को बेचे थे। ज्वालापुर पुलिस की मदद से मध्यप्रदेश पुलिस ने सर्राफ की तलाश में छापा मारा, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि सर्राफ की तलाश में मध्यप्रदेश पुलिस की मदद कर रहे हैं।
विज्ञापन

---------------
ऐसे पकड़ा गया जहरखुरान
हरिद्वार। देश के कई राज्य में जहरखुरानी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके शातिर ओमप्रकाश का पकड़ में आना आसान नहीं था। मध्यप्रदेश पुलिस की सूझबूझ से वह हत्थे चढ़ गया। दरअसल।आरोपी ने अपना ई टिकट हरिद्वार के ही एक एजेंट से बुक कराया था। जब मध्यप्रदेश पुलिस उस एजेंट तक पहुंची तब आरोपी को मोबाइल फोन नंबर मिल गया। बस यही से ही पूरे केस का परत दर परत खुलासा होता चला गया। मध्यप्रदेश पुलिस की माने तो आरोपी कई बार पूर्व में भी जेल जा चुका है। वह ट्रेन में जब घटना को अंजाम देने के लिए निकलता है तब मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लेता है।
--------------
फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया
हरिद्वार। शातिर जहरखुरान ने फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया हुआ है। आधार कार्ड पर दर्ज गाजियाबाद के नंदग्राम के पते पर जब मध्यप्रदेश पुलिस पहुंची तब पता चला कि वहां कोई मकान नहीं है। केवल भूखंड ही है। वह भी किसी दूसरे व्यक्ति का है। पड़ताल करने पर सामने आया कि फर्जी आधार कार्ड गाजियाबाद में ही एक हजार की रकम अदा कर बनाया गया था।
विज्ञापन

----------------
ऐसे फंसाता था शिकार को
हरिद्वार। पांचवीं तक पढ़ा लिखा जहरखुरान ओमप्रकाश शातिराना अंदाज से शिकार को अपने विश्वास के जाल में फंसा लेता है। दरअसल, वह पहले शिकार से नजदीकी बढ़ाता है। फिर खाने की वस्तु जैसे बिस्कुट या केक खाने के लिए पेशकश करता है। वह पैकेट की सील शिकार से ही खुलवाता है ताकि उसे संदेह न हो। खासतौर पर क्रीम वाले बिस्कुट को खोलकर उसमें पहले ही नशीला पाउडर मिला देता है और फिर बाकायदा पैकेट को चिपकाकर बंद कर देता है ताकि यह पता न चल सकें कि पैकेट को खोला गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें