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...अस्पताल पर बदमाशों का हमला

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धनौरी। कनखल और पिरान कलियर थाना क्षेत्रों में पड़ी डकैती का पुलिस अभी खुलासा भी नहीं कर पाई और बृहस्पतिवार रात तो बदमाशों ने धनौरी स्थित महर्षि दयानंद अस्पताल और उसके ऊपर स्थित चिकित्सक के आवास में डकैती डालने का प्रयास किया। बदमाशों के हमले में भवन स्वामी का पुत्र घायल हो गया। शोर होने पर लुटेरे भाग खड़े हुए।
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धनौरी के पूर्व प्रधान राकेश सैनी के जसवावाला मार्ग स्थित मकान में उनका भतीजा अश्विनी चिकित्सालय का संचालन करता है। ऊपरी हिस्से में अश्विनी का आवास है। बृहस्पतिवार की देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे छह-सात बदमाश डकैती डालने के इरादे से पहुंचे। अस्पताल के गेट से दो बदमाशों ने आवाज लगाई। अस्पताल के अंदर बैठे राकेश सैनी के बेटेेे मोहित ने दरवाजे पर आकर उनसे कारण पूछा। तभी पीछे से आए तीसरे बदमाश ने धारदार हथियार से गेट के शीशे को तोड़ते हुए मोहित पर हमला कर दिया। मोहित ने अपना चेहरा बचाने के लिए हाथ आगे कर लिया और बदमाशों के हमले से अपनी जान को बचाने के लिए ऊपर सो रहे अपने परिजनों को आवाज देता हुआ ऊपरी मंजिल पर दौड़ा। शोर सुनकर देर रात में ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्र हो गए। सूचना पाकर धनौरी पुलिस ने मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। बदमाशों के हमले में घायल युवक मोहित पुत्र राकेश सैनी को ग्रामीण उपचार के लिए रुड़की अस्पताल ले गए। उनके दोनों हाथों पर 24 टांके आए हैं। तोहित के अनुसार बदमाशों की संख्या करीब छह से सात थी। वहीं धनौरी पुलिस चौकी प्रभारी तस्लीम आरिफ ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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आधे घंटे तक व्यस्त चलता रहा 100 नंबर
धनौरी। अस्पताल के संचालक अश्वनी सैनी ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को देने के लिए पुलिस का इमरजेंसी नंबर 100 लगातार कई बार मिलाया लेकिन आधे घंटे तक फोन इंगेज चलता रहा। मौके पर आधे घंटे तक कोई भी पुलिसकर्मी नही पहुंचा। जबकि धनौरी पुलिस चौकी की दूरी घटनास्थल से करीब सौ मीटर है।
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ग्रामीण अब खुद देंगेे पहरा
क्षेत्र में लगातार बदमाशों की सक्रियता के बाद ग्रामीणों ने रात को खुद पहरा देने का निर्णय लिया है। धनौरी क्षेत्र के गांव तेलीवाला, धनौरा, जस्वावाला, रसूलपुर, आसफनगर, कोटा मुरादनगर, माच्छरहेडी आदि गांवों के ग्रामीणों ने यह फैसला लिया है।
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कम पुलिस बल के चलते कौन करे सुरक्षा
हर्ष सैनी
धनौरी। आठ गांव, चालीस हजार की आबादी और करीब एक दर्जन से भी अधिक कालेजों, बैंकों, संस्थानों की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी में केवल छह सिपाही तैनात हैं। जबकि धनौरी चौकी के लिए 14 सिपाही, एक हेड कांस्टेबल, एक एसआई का पद स्वीकृत है।
धनौरी पुलिस चौकी के अंतर्गत धनौरी, धनौरा, जसवावाला, तेलीवाला, रसूलपुर, माच्छरहेड़ी, आसफनगर ग्रंट, अजमेरीपुर और कोटा मुरादनगर गांव पड़ते हैं। इन गांवों की करीब चालीस हजार आबादी है। इनके अलावा धनौरी क्षेत्र में आधा दर्जन से भी अधिक कालेज, बैंक, या अन्य सरकारी भवन हैं। ऐसे में पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी आधे दर्जन से भी कम सिपाहियों के भरोसे है। ग्रामीण सुभाष सैनी, धर्मवीर सैनी, अरविंद आदि का कहना है कि धनौरी चौकी के लिए पूरा स्टाफ तैनात किया जाना चाहिए। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके का कहना है कि इस समय पूरे जनपद में पुलिस बल की भारी कमी हैं। शासन को पुलिस बल की कमी को लेकर अवगत करा दिया गया है। जल्दी ही चौकियों और थानों में पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराया जाएगा।
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