ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। आईपीएल क्रिकेट मैच में ऑनलाइन सट्टा लगाने का भंडाफोड़ करते हुए हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने करनाल के दस बुकी दबोचे हैं। आरोपियों के कब्जे से एक लाख की रकम, 29 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक एलईडी बरामद हुई है।
कोतवाली हरिद्वार में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बताया कि रविवार की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवमूर्ति चौक के ठीक सामने होटल शिवमूर्ति से क्रिकेट मैच पर लग रहे सट्टे के धंधे का संचालन हो रहा है। सीओ सिटी अभय सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने होटल शिवमूर्ति के कमरा संख्या 162 और 108 में छापा मारा। पुलिस टीम ने आईपीएल क्रिकेट मैच में सट्टा लगा रहे दस सटोरिये दबोच लिए, जिनके कब्जे से मोबाइल फोन, लेपटॉप, एक लाख की रकम बरामद हुई। होटल के एलईडी को भी कब्जे में ले लिया गया। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में सामने आया कि हरियाणा पुलिस के हत्थे चढ़ने के डर के चलते ही इन सभी बुकी ने हरिद्वार का रुख किया था और इनका स्थानीय नेटवर्क नहीं है।
सटोरियों के नाम विनोद कुमार पुत्र सतपाल, मोहित पुत्र इंद्रजीत सिंह, सन्नी पुत्र विजयपाल, सुशील पुत्र गोविंदराम, पवन पुत्र मदनलाल, पुनीत पुत्र अशोक, आशीष खटटर पुत्र सुभाष खटटर, सोनू पुत्र राजकिशन, तुषार खुराना पुत्र श्याम लाल और विक्रांत हंदूजा पुत्र सतीश कुमार है। यह सब करनाल के मोहल्ला लालकुंआ जुडला गेट माहर, उपकार कालोनी थाना सदर, हंसी रोड, मलका मोहल्ला, राजीवपुरम थाना सदर, सेक्टर 16 थाना माहर, कोट मोहल्ला, मुगला मोहल्ला सुभाषगेट के रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। इस अवसर पर एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी अभय सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी आदि मौजूद रहे।
स्थानीय लिंक ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
हरिद्वार। एक पखवाड़े में हरिद्वार पुलिस ने सटोरियों का यह दूसरा गैंग पकड़ा है। यह सब स्थानीय लिंक होने के चलते ही संभव हो सका है। क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर अपना सब कुछ गंवा चुका एक स्थानीय युवा ही सटीक जानकारी स्थानीय पुलिस को उपलब्ध करा रहा है। रविवार की देर रात मुखबिर भी सटोरियों के साथ ही मौजूद था लेकिन ऑपरेशन के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
होटल प्रबंधन को जारी होगा नोटिस
हरिद्वार। सटोरियों को कमरा उपलब्ध कराने पर होटल प्रबंधन को नोटिस भेजने की तैयारी स्थानीय पुलिस ने कर ली है। एसएसपी की मानें तो होटल प्रबंधन की भी प्रथम दृष्टया गलती प्रतीत होती है। होटल में ठहर रहे यात्री की गतिविधि क्या है, यह आखिर होटल प्रबंधन को क्यों नहीं दिखाई देता है। बताया कि नोटिस के साथ साथ पुलिस एक्ट के तहत भी होटल प्रबंधन के खिलाफ होना तय है।