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यातायात पुलिस के दारोगा ने की थी यात्री परिवार से मारपीट

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हरिद्वार। मोहाली (पंजाब) के यात्री परिवार से यातायात पुलिस के दारोगा अरविंद राणा ने मारपीट की थी। यह बात एसपी सिटी ममता वोहरा की जांच में सामने आया है। एसपी सिटी ने अपनी जांच में दारोगा को मारपीट करने का दोषी पाया है। इधर, एसएसपी ने एसपी सिटी की जांच के बाद दारोगा की सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रवृष्टि के आदेश दिए हैं।
चंडीघाट चौक के पास जून माह में मोहाली (पंजाब) के यात्री परिवार का यातायात पुलिस के दारोगा अरविंद सिंह राणा से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा था कि यात्री परिवार ने दारोगा से मारपीट कर दी थी और फिर पुलिस ने यात्री परिवार के लोगों को दौड़ा दौड़ाकर डंडों से पीटा था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए पंजाब के यात्री परिवार के मनोज सैनी, बादल सैनी और दो महिलाओं को दारोगा की हत्या के प्रयास समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। सोशल मीडिया पर हकीकत सामने आने के बाद देहरादून से उच्च स्तरीय जांच के आदेश हुए थे। पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा भी जांच के दौरान हटा दी थी। पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी ममता वोहरा को सौंपी गई थी। एसपी सिटी ने अपनी जांच में पाया कि पहले यात्री परिवार ने मारपीट की थी, इसके बाद दारोगा ने भी मारपीट की। एसपी सिटी ने दारोगा को दोषी मानते हुए जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी थी, उसके बाद दारोगा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। एसपी सिटी ममता वोहरा ने पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में दारोगा को दोषी पाया गया, उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
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कायदे में दारोगा के खिलाफ दर्ज हो केस
हरिद्वार। दारोगा को उसकी सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि का दंड मिल गया हो लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर जब यात्री परिवार ने मारपीट की थी तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। अब जब दारोगा को मारपीट का दोषी पाया गया है तो उसके खिलाफ भी यात्री परिवार की ओर से मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यात्री परिवार के लोगों को कई दिन जेल में गुजारे, उसका जिम्मेदार कौन है।
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