हरिद्वार। डीएम दीपक रावत ने बृहस्पतिवार को एआरटीओ कार्यालय पर छापा मारकर लाइसेंस बनाने वाले दो दलालों को पकड़ लिया। दलालों के पास से लाइसेंस बनवाने के कागजात के अलावा नवीनीकरण, आरसी बनवाने समेत तमाम कागजात बरामद किए गए। जिलाधिकारी ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी दीपक रावत अचानक एआरटीओ कार्यालय आ धमके। जिलाधिकारी का वाहन देखते ही विभागीय अधिकारियों और दलालों में अफरा-तफरी मच गई। जिलाधिकारी को देखकर दो दलाल अपने वाहन से भाग निकले। जिलाधिकारी ने अपने वाहन से पीछा किया और कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। दलालों के वाहन से जिलाधिकारी ने लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले कई आवेदकों के हाईस्कूल और इंटर समेत तमाम शैक्षिक प्रमाणपत्र की मूल प्रति बरामद की। डीएम दीपक रावत ने बताया कि दबोचे गए दलालों के नाम अजय कुमार और भोला है। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। डीएम दीपक रावत ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी चाय की दुकान चलाने की आड़ में दलाली करते थे। डीएम की कार्रवाई को लेकर दलालों मेेें अफरा तफरी का माहौल रहा। कई दलाल डीएम की गाड़ी देखते ही बोरिया बिस्तर समेटकर फरार हो गए। मालूम हो कि आरटीओ कार्यालय में दलालों का खासा दखल है। दलाल लाइसेंस बनवाने से लेकर आरसी बनवाने तक का काम करवाते हैं। इसके एवज में वह लोगों सेे मोटी रकम भी वसूलते हैं। दलालों की इस सक्रियता को लेकर आरटीओ कार्यालय के कुछ अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। दूसरी ओर एआरटीओ मनीष तिवारी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को दलाल के पास जाने की जरूरत नही है। जिसे भी लाइसेंस बनवाना है वह सीधे कार्यालय आकर या फिर आनलाइन आवेदन कर सकता है ।