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भिखारिन की बेटी को कब मिलेगा इंसाफ

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कुणाल दरगन
हरिद्वार।
पूरा एक साल गुजरने को है, लेकिन रोड़ीबेलवाला पुलिस चौकी के पीछे गंगा तट पर रेप के बाद बड़ी ही दरिंदगी से कत्ल कर दी गई आठ साल की मासूम के परिवार को आज तक इंसाफ नहीं मिल सका। हरिद्वार पुलिस की पूरी जांच केवल एक संदिग्ध फक्कड़ साधु पर आकर ठिठकी हुई है, जो एक मामले में जेल में है। कातिल तक पहुंचने की आखिरी उम्मीद डीएनए रिपोर्ट का इंतजार भी लंबा होता जा रहा है।
दिल दहला देने वाली यह घटना चार मई को दिन के उजाले में घटी थी। पेशे से रिक्शा चालक की बेटी अपनी मां के साथ रोजाना की तरह उस दिन भी भीख मांगने निकली थी। लघुशंका के लिए मासूम अपनी मां के हाथ से हाथ छुड़ाकर रोडीबेलवाला चौकी के पीछे गंगा तट पर गई थी। तब वहां मौजूद किसी दरिंदे ने रेप के बाद उसकी हत्या कर दी थी। मासूम चीख चिल्ला न पाए इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंस दिए गए थे। मृतक भिखारिन और रिक्शा चालक की बेटी होने से पुलिस सुकून में थी। एक फक्कड़ साधु प्रकाश में भी आया, उसे जैसे- तैसे पकड़ा भी, लेकिन उसकी पहचान कौन करें, लिहाजा उसे किसी दूसरे मामले में जेल भेजा गया। वह अभी जेल में ही है।
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मासूम हत्याकांड का खुलासा वैज्ञानिक पद्धति से ही संभव है। तभी पुलिस ने वैजाइनल स्वैप से मिले साक्ष्य का डीएनए कराया, अब उस डीएनए को उस संदिग्ध के डीएनए से मिलाने की प्रक्रिया चल रही है।

तो पलायन कर गया पीड़ित परिवार
बेटी के कातिल के गिरेबां तक पुलिस के हाथ न पहुंचने से नाउम्मीद परिवार संभवत: यहां से पलायन कर गया है। अमर उजाला की टीम ने चंडीघाट आधा पुल के नीचे पहुंचकर रिक्शा चालक के परिवार को तलाश किया, लेकिन उनका कुछ अता पता नहीं चल सका। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि अब वह परिवार यहां दिख नहीं रहा है।


वो भिखारिन की बेटी थी इसलिए...
रेप के बाद आठ साल की मासूम बेरहमी से कत्ल कर दी गई। पर, राजनीतिक दलों, स्वंयसेवी संस्थाओं ने खामोशी की चादर ओढ़ ली। किसी ने भी उसे इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर उतरना जरूरी नहीं समझा। क्योंकि वह एक भिखारिन की बेटी थी क्या सिर्फ इसलिए? जम्मू कश्मीर के कठुआ में रेप के बाद मौत के घाट उतार दी गई बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए शहर में भी कई कैंडल मार्च निकाले गए लेकिन गंगा तट पर हूबहू ऐसे ही मौत की नींद सुला दी गई मासूम को इंसाफ दिलाने की फुर्सत किसी को नहीं है।
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विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपेार्ट में संदिग्ध के डीएनए सैंपल से मेल न होना सामने आया था। चूंकि रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे इसलिए अब गाजियाबाद में सीबीआई की फोरेंसिक लैब में सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। संदिग्ध अब भी जेल में है या नहीं, इस बारे में संज्ञान नहीं है। पीड़ित परिवार कहां है, इसका स्टेटस भी चेक कराया जाएगा।
ममता वोहरा, एसपी सिटी
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