नैनीताल की किशोरी को दास के तौर पर इस्तेमाल और मारपीट के आरोप में फंसी महिला जज दीपाली शर्मा से जुड़े हाईप्रोफाइल मुकदमे की जांच सीओ कनखल मनोज कात्याल को सौंप दी है। विवेचक सीओ जल्द ही पूरे प्रकरण में जांच की शुरुआत बयान लेने से कर सकते है। मंगलवार को सीओ पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन करने में जुटे रहे।
सोमवार को हाईकोर्ट के आदेश पर एएसपी रचिता जुयाल की ओर से सिडकुल थाने में निलंबित महिला जज दीपाली शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि किशोरी का दास के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था और उससे मारपीट की बात भी सामने आई थी। 29 जनवरी को जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की अगुवाई में एक ज्वाइंट टीम ने रोशनाबाद में जजेज कालोनी में सिविल जज सीनियर डिवीजन दीपाली शर्मा के घर से नैनीताल की किशोरी को मुक्त कराया था। जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान की देखरेख में जिला अस्पताल में हुए किशोरी के मेडिकल में ताजी और पुरानी 20 चोटों के निशान सामने आए थे। पुलिस ने किशोरी को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया था, तब से किशोरी श्यामपुर क्षेत्र के श्रीराम आश्रम में बने अनाथालय में ही है। मंगलवार को एएसपी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच सीओ कनखल मनोज कात्याल को सौंपी गई है। जांच मिलने की पुष्टि करते हुए सीओ कनखल ने बताया कि जल्द ही पूरी जांच में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को केस से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन कर लिया गया है।