अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संतों की नगरी में भी गोवंश सुरक्षित नहीं है। पिछले कुछ दिनों में ही पंचपुरी में गोवंश चोरी की करीब पचास से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि बेहद ही व्यस्ततम क्षेत्र कुशावर्त घाट से भी दो गोवंश एक कार में जबरन ठूंस कर ले गए। पशु चोरों के निशाने पर हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, रानीपुर के पालतू और आवारा पशु हैं।
कुशावर्त घाट में गोवंश चोरी की घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। इसमें देखा जा रहा है कि एक सेंट्रो कार में गोवंश को ठूसकर जबरन ले गए। इस बेहद संकरे मार्ग पर कार का आना बेहद ही रिस्की है। कुछ ही दूरी पर कोतवाली और हरकी पैड़ी चौकी है। इसके बाद भी गोवंश चोरी हो रहे हैं। कनखल के श्मशान घाट में घुसकर गोशाला से दो गाय मिनी ट्रक में लादकर ले जाई जा चुकी है। पशु तस्करों की ज्यादा तादात को देखकर चौकीदार भी छिपकर बैठ गया। कनखल के ही एक पुरोहित परिवार के दो गोवंश भी चोरी हो गए। ज्वालापुर, रानीपुर, कनखल में पशु चोरी की घटनाओं की लंबी फेहरिस्त है। जानकार बताते है कि पशु चोर मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से ताल्लुक रखते हैं। वे चोरी के गोवंश को मांस बेचने वाले कसाई को बेच देते हैं।
गोवंश ठूंसने की भी एक कला
चौपहिया वाहन में पशु को ठूंस लेने की भी एक कला है। ये पशु तस्कर इतने पारंगत होते हैं कि सीधे पशु को धक्का देकर वाहन के पास ले जाते है और फिर उसे धक्का देकर अंदर ठूंस देते हैं। ये चौपहिया वाहन की पिछली सीट निकाल देते है और फिर पशु जब अंदर फंस जाता है। तब उसका मुंह और पैर बांध देते हैं।