अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
अधिवक्ता विकास परदेसी की मौत के मामले में सिडकुल के मेट्रो अस्पताल के चार डाक्टर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। मृतक अधिवक्ता के भाई ने चार डाक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। सिडकुल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को सिडकुल थाने में नवल उर्फ गौरव परदेसी पुत्र एचसी परदेसी निवासी न्यू शिवालिक नगर ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसके भाई अधिवक्ता विकास परदेसी की तबियत 29 तारीख को बिगड़ गई थी।
तब उसके भाई को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि उसके भाई के इलाज में अस्पताल के डाक्टरों ने लापरवाही बरती। जिसके चलते 31 मार्च को उनकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी ने बताया कि अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अभिलाष कुमार गुप्ता, डा. मंदाकनी विरमानी, डा. नीरज सैनी, डा. नीरज मैठाणी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
न्यायिक कार्य से विरक्त रहे अधिवक्ता
रोशनाबाद। युवा अधिवक्ता विकास परदेसी की मौत से अधिवक्ता वर्ग में शोक की लहर है। सोमवार को अधिवक्ता की आकस्मिक मौत के चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरक्त रहे। बार संघ कक्ष में शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया। मौन रखकर भी अधिवक्ता को श्रद्धाजंलि दी गई।