खेत से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के सात दिन बाद मिले दीपक के अपहरण की कहानी और उलझती नजर आ रही है।
पुलिस उसे बंधक बनाने वाली जगह ले जाने वाली थी कि अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया।
वहीं पुलिस ने अपहरण के पीछे रंजिश का एंगल खंगालते हुए गांव के कुछ लोगों से जानकारी भी जुटाई।
ढंढेरी गांव निवासी प्रेमचंद सैनी का बेटा दीपक सैनी बीते सात नवंबर को खेत पर पानी देने गया था। देर शाम उसकी चप्पल व मोबाइल ही खेत से मिले थे। उसके बाद से दीपक की तलाश चल रही थी।
हफ्ते भर बाद शनिवार को दीपक चुड़ियाला क्षेत्र के महेश्वरी गांव के पास एक किसान के पास पहुंचा और खुद के अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर भागने की जानकारी दी।
पुलिस परिजनों के साथ दीपक को लाई थी। शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर रंजिशन अपहरण का आरोप लगाया था। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस रविवार को दीपक को महेश्वरी गांव के पास घटनास्थल पर ले जाने वाली थी कि अचानक ही उसकी तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी गोविंद कुमार ने बताया कि दीपक को मौके पर ले जाना था। मगर परिजनों की ओर से उसका एक निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।