स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 को लेकर नगर निगम पूरी तरह से तैयार है। दिन रात गंगा घाटों, मुख्य बाजारों और पार्किंग की सफाई की जा रही है। रात को शहरवासियों के सोने के बाद 150 कर्मचारी घाटों और बाजारों की सफाई में जुट जाते हैं। सफाई और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की निगरानी के लिए रात की शिफ्ट में भी सफाई निरीक्षक और सुपरवाइजर की ड्यूटी भी लगाई गई है।
जून माह के अंतिम सप्ताह में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम के हरिद्वार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। गंगा किनारे के शहरों में स्वच्छता में पहला स्थान (वर्ष 2022), निर्मल पुरस्कर और कूड़ा मुक्त शहरों की सूची में 16वां स्थान जैसी उपलब्धियां नगर निगम के खाते में है। अब स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अव्वल आने के लिए निगम ने कमर कस ली है।
नगर निगम ने 300 कर्मचारियों को केवल यात्री बाहुल्य क्षेत्र जैसे गंगा घाटों, बाजारों और पार्किंग की सफाई के लिए लगाया गया है। इनमें से 150 कर्मचारी सुबह और दोपहर की शिफ्ट में काम रहे हैं। शाम की शिफ्ट रात 8.00 बजे से 2.00 बजे तक 100 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी गंगा घाटों पर लगाई गई है। जबकि 50 कर्मचारी अपर रोड, पंतद्वीप, रोड़ी बेलवाला पार्किंग, मोती बाजार, बड़ा बाजार, रेलवे स्टेशन और बस अड्डा क्षेत्र की सफाई करते हैं। सफाई के बाद साथ के साथ कूड़ा भी उठाया जाता है। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर की पैड़ी, ब्रह्मपुरी, पंतद्वीप, मुखिया गली और हिल बाइपास पर दिन और रात दोनों शिफ्टों में सुपरवाइजर तैनात किए गए है। सफाई और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सफाई निरीक्षक विकास छाछर और मनोज कुमार को दी गई है।
घाटों पर लगाए नए कूड़ेदान
- नगर निगम ने घाटों पर नए कूड़ेदान लगाने शुरू कर दिए हैं। पुराने और खराब कूड़ेदान को बदला जा रहा है। नगर आयुक्त ने सफाई निरीक्षकों को कूड़ेदान भरने के साथ उनको खाली करने के निर्देश दिए हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। निगम के बेहतरीन टीम वर्क और शहरवासियों के सहयोग से शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिल रही है। यात्री बाहुल्य क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था भी लागू की गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ हम कार्य कर रहे हैं।
दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त