मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे प्रांंतीय चिकित्सा सेवा संघ के चिकित्सक दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी बाह पर काली पट्टी बांधकर काम किया। जिलेभर के सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक आंदोलन के जरिए अपनी मांगों पर अडिग हैं। सभी ने तीन सितंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर चार सितंबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।
संगठन के अध्यक्ष डॉ. यशपाल तोमर ने कहा कि शासन स्तर पर आंदोलन के दौरान दो बार की वार्ता लगभग विफल रही है। कई मांगों पर आश्वासन मिला है, लेकिन कोरे आश्वासन से कुछ होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले विभाग के मंत्री और बाद में उनके सचिव के निर्देश भी विभागीय सचिव और निदेशक पर कोई असर नहीं दिखा सके। अब संगठन के पदाधिकारियों को कोरा आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार चिकित्सक कोरे आश्वासन को नहीं मानेंगे।
वहीं पूर्व सीएमओ डॉ. मनीष दत्त ने कहा कि वाहन भत्ता, वेतन में विसंगति, दुर्गम और सुगम में निर्धारण इन तमाम मुद्दों पर सार्थक पहल की जानी चाहिए। उन्होंने कहाकि चिकित्सक शासन के मंशा के अनुरूप अपने सेवा कार्यों में जुटे रहते हैं। उनकी समस्याओं का संज्ञान लेकर सरकार को तत्काल समाधान करना होगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉ. आरबी सिंह, वरिष्ठ सर्जन सुरेश कुमार वशिष्ठ, डॉ. निष्ठा गुलाटी, डॉ. शशिकांत, डॉ. हितेंद्र जंगपांगी, डॉ. एसके सोनी, डॉ. ऊषा बिष्ट, डॉ. विकासदीप, डॉ. संदीप निगम समेत कई अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।