श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े की देशभर की शाखाओं और मठों में देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी व अन्य सैन्य अधिकारियों के आकस्मिक निधन पर उनकी आत्माओं की शांति के लिए विशेष श्रद्धांजलि सभा एवं शांति यज्ञ आयोजित किए हुए। हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी और महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि अखाड़े व संत समाज मिलकर सीडीएस जनरल बिपिन रावत की स्मृति में भव्य शहीद सैन्य धाम बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड का पांचवां धाम बनेगा। उत्तराखंड के चारों पवित्र धामों की यात्रा के साथ इस धाम के दर्शन के लिए भी यात्री आएंगे।
मायादेवी मंदिर में श्रीमहंत हरिगिरि के सानिध्य में मां मायादेवी और नगर कोतवाल आनंद भैरव की विशेष पूजा अर्चना कर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा दुख की इस घड़ी में पूरा संत समाज एवं अखाड़ा परिषद दिवंगत शहीदों के परिजनों व राष्ट्र के साथ दृढ़ता से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनरल बिपिन रावत की स्मृति में भव्य स्मारक बनाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भूमि उपलब्ध कराती है तो सभी अखाड़ों और साधु-संतों के सहयोग से भव्य स्मारक एवं शहीद सैन्य धाम बनाएंगे। उन्होंने दुर्घटना में शहीद सैन्य अधिकारियों के परिजनों को 50-50 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग की। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि, राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी, कोठारी महंत महाकाल गिरि, थानापति रणधीर गिरि, श्रीमहंत संध्या गिरि, श्रीमहंत सुरेशानंद सरस्वती, महंत राजेंद्र गिरि, महंत धर्मेंद्र पुरी, महंत गौतम गिरि, महंत हीरा भारती, महंत वशिष्ठ गिरि, श्रीमहंत पूर्ण गिरि, महंत धीरेंद्रपुरी मौजूद रहे।
देशभर में इन जगहों पर हुआ यज्ञ
जूना अखाड़ा हरिद्वार के अलावा श्री मौजा गिरि मंदिर प्रयागराज, बड़ा हनुमान घाट काशी, नील गंगा उज्जैन, दातार अखाड़ा उज्जैन, दत्तात्रेय मंदिर त्रयम्बकेश्वर, खैड़ामढ़ी बरेली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात स्थित सभी मठ-मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना कर शांत यज्ञ किए गए।