जहरीली शराब कांड की घटना के तीसरे दिन विधायक अनुपमा रावत और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व सीएम हरीश रावत ने ग्रामीणों की सुध नहीं ली। इससे ग्रामीणों में आक्रोश भी बना है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव छोटा होने से विधायक और जनप्रतिनिधि भी फूलगढ़ व शिवगढ़ में कच्ची शराब कांड को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अगर चुनाव विधानसभा और लोकसभा का होता तो शायद अभी तक राजनीतिक दल और नेताओं की लाइन गांव में लग जाती। पंचायत चुनाव में जहरीली शराब पीने से आठ ग्रामीणों की मौत के बाद तीसरे दिन शाम को करीब चार बजे क्षेत्रीय विधायक अनुपमा रावत पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा ताकि पीड़ित परिवारों की कुछ मदद हो सके।
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद भी देर शाम गांव पहुंचे और मृतक परिवारों को सांत्वना दी, जबकि सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व सीएम हरीश रावत अभी भी ग्रामीणों के हाल जानने के लिए नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में इनको लेकर काफी गुस्सा है। उनका कहना है कि जब नेताओं को चुनाव के दौरान वोट की जरूरत होती है, तब वे गांवों की ओर दौड़ लगाते हैं। दोनों गांवों में आठ लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद भी नेता मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाने भी नहीं आए।
लोकसभा चुनाव में भी सांसद रमेश पोखरियाल दोनों गांवों में नहीं आए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि दोनों गांवों में इतनी बड़ी घटना हुई है। शायद सांसद की आंखें जरूर खुलेंगी। -दरगपाल सिंह, फूलगढ़
विधायक और पूर्व विधायक भी तीसरे दिन पहुंचे। सांसद रमेश पोखरियाल और हरीश रावत नहीं पहुंचे। सरकार को शराब बंदी पर सख्त कदम उठाना चाहिए। -अनिता देवी, फूलगढ़
कच्ची शराब की रोकथाम की जाए। गांवों में शराब से घर उजड़ रहे हैं। बच्चे बर्बाद हो रहे हैं। सरकार शराब बेचने वालों को जेल में डाले। -सरला देवी, फूलगढ़
यह पूरा प्रकरण जहरीली शराब से जुड़ा है। जहरीली शराब पीने से आठ लोग मर गए। कई बीमार हैं लेकिन पुलिस की डर से चेकअप कराने नहीं आ रहे हैं। -नीरज कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण