35 साल बाद आरक्षण में कई ग्राम पंचायतों में प्रधान पद सामान्य हुआ है, जिससे ग्राम प्रधान बनने को ग्रामीणों में इन पंचायतों में होड़ मची हुई है।
कई ग्राम पंचायतों में प्रधान पद सामान्य होने से पंचायत चुनाव में सभी जाति के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिला है, जिससे प्रधान पद के दावेदार कई लोगों के बीच दिलचस्प और जबरदस्त मुकाबला होने की संभावना बनी हुई है। इनमें बादशाहपुर ग्राम पंचायत 35 साल तक आरक्षित रही। कभी एससी तो कभी ओबीसी के लिए प्रधान का पद आरक्षित होता रहा है। इससे सामान्य लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल सका। इसके अलावा बिशनपुर, रानीमाजरा, फेरूपुर, जसोद्दरपुर और नसीरपुरकलां समेत कई ग्राम पंचायतों में 30 साल बाद प्रधान पद सामान्य होने से सभी जाति के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिला है। पहले पंचायत चुनाव में इन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद अनुसूचित व पिछड़ी जाति का होने के कारण अन्य बिरादरी के लोग पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते थे। इन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद सामान्य होने से लोगों में खुशी है और लोग चुनाव लड़ने के लिए जोर शोरों से तैयारी कर रहे हैं।