हरिद्वार। आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित सोसाइटी फॉर एथनोफार्माकोलॉजी की 13वीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में उत्कृष्ट राष्ट्रीय एथनो-फार्माकोलॉजिस्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान सोसायटी फॉर एथनोफार्माकोलॉजी की ओर से उन्हें पारंपरिक औषधियों के शोध व विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं आयुर्वेद के साथ सम्पूर्ण भारत की है। उन्होंने कहा कि पतंजलि, आयुर्वेद के उत्थान और जनमानस को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि पतंजलि से विकसित 90 से अधिक साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक दवाइयां और प्राकृतिक उपचार आज लोगों को सुरक्षित व प्रभावी स्वास्थ्य विकल्प प्रदान कर रहे हैं। पतंजलि के वैज्ञानिकों के शोधकार्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो रहे हैं। मा.सि.रि.