जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में सोमवार को मिशन अमृत सरोवर को लेकर बैठक हुई। इसमें जिले के अमृत सरोवरों को उपयोगी एवं जीवंत बनाने के लिए संबंध में व्यापक रणनीति बनी। जिलाधिकारी ने कहा कि अमृत सरोवरों को जीवंत बनाने के लिए निर्मित, निर्माणाधीन, प्रस्तावित की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपद में स्थित 76 अमृत सरोवरों के सर्वाेत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरोवरों की सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ चारों तरफ से पर्याप्त सुरक्षा उपाय, चारों ओर रेलिंग, सुरक्षा के मापदण्डों के विषय में आम जनमानस के लिए सूचना पट्ट, निर्मित अमृत सरोवरों का राजस्व एवं वन अभिलेखों में अभिलेखीकरण, सुनियोजित क्षमता वृद्धि, अतिक्रमण से बचाव और इस सभी जानकारियों को पोर्टल पर राजस्व एवं वन विभाग दर्ज करेगा।
अमृत सरोवरों के उपयोग का सर्वेक्षण, सरोवरों के प्रमुख संभावित उपयोगिता के आधार पर निर्मित अमृत सरोवरों का विभागों को आवंटन एवं विभागों की ओर से इसकी निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने दिए। उन्होंने कहा कि सरोवर निर्माण के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अथवा शहीदों की गांवों को वरीयता दी जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, जिला वनाधिकारी वैभव कुमार सिंह, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, ईई सिचाई मंजू डैनी, सहायक निदेशक मत्स्य गरिमा मिश्रा, बीडीओ मानस मित्तल, सुमन कोठियाल, जितेन्द्र कुमार सिंह, पवन सैनी, पर्यटन अधिकारी सुरेश सिंह यादव, अरुण कंडारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।