आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से 18 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग उठाई है। मांगें पूरी न होने पर 20 फरवरी से कार्य बहिष्कार का ऐलान किया।
रविवार को उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की भल्ला इंटर कॉलेज में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि संगठन अपनी मांगों एवं समस्याओं पर लगातार सरकार से बात करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार की हठधर्मिता से कोई समाधान नहीं निकल रहा है, मजबूरन होकर संगठन की ओर से 20 फरवरी से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किये जाने का निर्णय लिया गया है।
शहर परियोजना अध्यक्ष सारिका शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके काम के बदले उचित दाम नहीं मिलता, उनका मानदेय प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी 600 के हिसाब से 18000 पर मासिक किया जाए।
उपाध्यक्ष रुकमणि खरे ने कहा कि न्यायालय के निर्णय अनुसार ग्रेजुएट का लाभ दिया जाना चाहिए। सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का लाभ भी दिया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष होनी चाहिए, वर्तमान भोजन दर अपर्याप्त है। बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है। इसलिए, भोजन दर को संशोधित कर सामान्य बच्चों के लिए 16 और कुपोषित बच्चों के लिए 24 रुपये किया जाना चाहिए।
जिला संगठन मीडिया प्रभारी रंजन शुक्ला ने कहा कि रिक्त पद शीघ्र नियुक्ति होनी चाहिए। संगठन मंत्री उर्मिला रोतेला ने कहा कि अधिकांश कार्य ऑनलाइन कराए जा रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से दिए गए मोबाइल फोन खराब हो चुके हैं, नए फोन उपलब्ध होने चाहिए। इनमें रिचार्ज की व्यवस्था भी होनी चाहिए। जिससे आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सुचारू रूप से चल सके। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री ममता बादल, प्रतिभा राय, उषा सैनी, रमन वर्मा ,माधुरी गुप्ता, आनंद भारती, सरिता देवी, रमा डबराल आदि मौजूद रहे।