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भक्तों की सूक्ष्म अराधना से प्रसन्न होती है मां चंडी: महंत रोहित गिरि

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मां चंडी देवी की आराधना से व्यक्ति के जन्म जन्मांतर के पापों का विनाश हो जाता है। चैत्र मास के पावन पर्व चंडी चौदस पर मां के स्वरूप की पूजा करने से जीवन की सभी दुश्वारियां दूर हो जाती हैं और निरंतर प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह बात नीलधारा पर्वत स्थित सिद्धस्थल मां चंडी देवी मंदिर के परमाध्यक्ष महंत रोहित गिरि महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि घर में सुख समृद्धि लक्ष्मी के वास एवं शनि के प्रकोप से बचने के लिए पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। मां चंडी देवी समस्त जग की पालनहार है। वह भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर मनवांछित फल देती है। कहा कि जो भक्त संपूर्ण नवरात्र से चंडी चौदस तक देवी मां की आराधना करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं मां चंडी मैया पूर्ण करती है। पौराणिक काल से सिद्धस्थल मां चंडी देवी और पतित पावनी मां गंगा के दर्शन भाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होते हैं। कहा कि मंदिर दर्शन तो अनवरत किया जाना वाला धार्मिक अनुष्ठान है, लेकिन विशेष उत्सव पर मां की पूजा करने से व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा नशे की लत, फेसबुक, व्हाट्सअप के माध्यम से भारतीय संस्कृति को त्यागता जा रहा है। हमें पाश्चात्य संस्कृति त्याग कर भारतीय संस्कृति को अपनाना चाहिए। भारतीय संस्कृति के समावेश से ही व्यक्ति समाज व परिवार संस्कारवान बन सकते हैं। उन्होंने दर्शन करने आए सभी श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वाद देकर मां चंडी देवी से विश्व कल्याण की कामना की।
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