बरसात के सीजन में आपदा प्रबंधन से राहत एवं बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए आपदा प्रबंधन की ओर से 200 आपदा मित्र बनाए गए हैं। जिन्हें आपदा से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया। 15 जून से प्रत्येक तहसील में कंट्रोल रूम तैनात कर दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों को 23 सितंबर से सक्रिय कर दिया गया है। कार्यालय में आटोमैटिक वेदर स्टेशन अपडेट कर दिया गया है। बारिश और नदियों के जलस्तर का आंकड़ा 24 घंटे तैयार किया जाएगा। मानसून से पूर्व सभी उपकरणों की जांच कर ली गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि 200 आपदा मित्र बनाए गए हैं। 301 ग्राम पंचायत में युवक मंगल दल और महिला दल के 6000 लोगों को 5 दिवसीय ट्रेनिंग दी गई है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में आपदा प्रबंधन की मॉक डील की जाएगी। जिसे आपदा तैयारियों का पूर्वानुमान किया जाएगा। संवाद