शहर क्षेत्र में शनिवार को दो युवकों के शव पंखे पर लटके मिले। तुंतावाला में हुई खुदकुशी को परिजनों ने हत्या बताया। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद प्रथम दृष्टया उसे आत्महत्या माना है।
उधर राजपुर क्षेत्र में स्कूल परिसर में एक बिजली कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। दोनों ही मामलों में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है।
पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने शनिवार सुबह सूचना मिली कि तुंतावाला में वीरेन्द्र का बेटा सुमित कुमार उर्फ सोनू अपने कमरे में मृत मिला है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पिता वीरेन्द्र ने अपने सगे भाई और उसके पुत्रों पर हत्या कर शव को कमरे में फेंकने का आरोप लगाया।
इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए पूरे घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई। इंस्पेक्टर बीडी उनियाल ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो पूरी तस्वीर साफ हो गई।
सुबह उठाते रहे परिजन लेकिन सुमित ने नहीं दिया कोई जवाब
सुबह के समय परिजनों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन सुमित ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया। पहले जाली तोड़ी गई, फिर लोहे का दरवाजा तोड़ने की कोशिश हुई। रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी महफूज आ गया। दरवाजे पर दबाव डाला गया तो अंदर का कुंडा टूट गया।
परिजनों ने सुमित को नीचे उतारकर उसके गले में बंधा फंदा आदि गायब करने के साथ पंखे को नीचे उतार दिया। मौके पर मौजूद गांव के प्रधान, पूर्व प्रधान और बडोवाला प्रधान भी वहां पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि वीरेन्द्र का अपने भाई दुलीचंद से जमीनी विवाद चल रहा है।
एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला है, लेकिन फिर गहनता से उसकी जांच कराई जा रही है। पीएम रिपोर्ट में मौत कैसे हुई, यह साफ हो जाएगा।