चंपावत। पाटी ब्लॉक के कमलेख गांव में वर्ष 2022 में गठित पार्वती स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार की मिसाल बन गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत सक्रिय इस समूह की 10 महिलाएं अचार, पहाड़ी उत्पाद और होली के लिए प्राकृतिक रंग तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह की अध्यक्ष जानकी देवी ने बताया कि इन पारंपरिक उत्पादों की बाजार में भारी मांग है, जिससे समूह की मासिक आय 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरी है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और बचत की आदत भी विकसित हुई है। अब यह समूह अपने उत्पादों की पैकेजिंग और गुणवत्ता में सुधार कर बाजार की योजना बना रहा है, ताकि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा जा सके।