हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती चंपावत के बकोड़ा गांव की जख्मी बेनी देवी और साथ में
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के बकोड़ा गांव की चोटिल बुजुर्ग महिला का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है मगर बुजुर्ग महिला की हालत में खास सुधार नहीं है। वहीं आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद महिला को सुशीला तिवारी अस्पताल में निशुल्क इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चंपावत से 43 किमी दूर बकोड़ा गांव में बेनी देवी (60) पत्नी पूरन सिंह सात दिसंबर की सुबह पेड़ से गिर कर जख्मी हो गई थी। महिला के कूल्हे और जांघ में फ्रैक्चर होने के अलावा आंख में चोट लगी थी। प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल ने महिला को सात दिसंबर को ही हाई सेंटर रेफर कर दिया था। एक दिन निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद हालत में सुधार नहीं होने पर चोटिल बुजुर्ग को परिजनों ने आठ दिसंबर को हल्द्वानी ले गए तथा रात्रि 11 बजे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया।
चोटिल बेनी देवी के बेटे नंदन और बेटी मायावती देवी का कहना है कि अस्पताल में एक्सरे और सीटी स्कैन किया गया लेकिन अभी हालत में खास सुधार नहीं है। परिजनों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल सका है। अब तक सुशीला तिवारी अस्पताल में परीक्षण में तीन हजार रुपये से अधिक राशि खर्च हो चुकी है जबकि इससे पहले निजी अस्पताल में आठ हजार रुपये लग चुके हैं।
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड मान्य है। ऐसे में कार्ड का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है? इसका पता लगाएंगे। साथ ही हल्द्वानी अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर बेनी देवी को इलाज में मदद दिलाई जाएगी। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।