मां बाराही सुगम संगीत समिति की ओर से हुई बैठकी होली में होल्यारों ने कई राग-रागनियों में बेहतरीन प्रस्तुति दी।
गोकुलानंद भट्ट के आवास में हुई बैठकी होली का शुभारंभ मुख्य अतिथि खीमानंद जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। भुवन चंद्र जोशी ने राग धमार में ‘नंद नंदन मोरी बंय्या गहो ना’ गीत से बैठकी होली का श्रीगणेश किया। टीकाराम सोराड़ी ने राग काफी में ‘कैसी ये नादानी सैय्या मोरी अखियां पिरानी’, सुरेश भट्ट, भगवती प्रसाद जोशी ने राग काफी में ही ‘सैय्या गए परदेश कैसे कटे बिरह की रतियां’, बाल कलाकार विशाल पचौली ने राग जैजवंती में ‘आयी बसंत बहार सखी भौरा मन अविभाये’, प्रकाश जोशी ने कैसे निकसी चांदनी, मथुरा दत्त गहतोड़ी ने आयो नवल बसंत तथा बाल कलाकार प्रदीप पचौली ने राग काफी में सबको मुबारक होली, मेजबान गोकुलानंद भट्ट ने राग सहाना में ‘ऊंचे भवन पर्वत पर माता का भवन’, डा.घनश्याम शर्मा ने ‘श्याम सुंदर यशोदा के मोहन’ गीत गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया। तबले में संगत सुरेश भट्ट , विशाल पचौली, मथुरा दत्त, भगवती प्रसाद ने दी। गोकुल शर्मा, विक्रम सिंह, नीरज पंत, दीपक शर्मा, गीता भट्ट, पुष्पा भट्ट, आंचल, सचिन, रितिक ने सुर में सुर मिलाया।