बनबसा (चंपावत)। बीते दिवस शारदा नदी में अत्यधिक गाद आने से एनएचपीसी ने अपनी पावर चैनल एवं बनबसा शारदा हेडवर्क्स ने नहर की जलापूर्ति रोक दी थी। देर रात करीब 11 बजे नदी का पानी साफ होने के बाद पावर चैनल व नहर में पानी छोड़ दिया गया। इसके बाद एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन व खटीमा स्थित लोहियाहेड बिजलीघर में उत्पादन शुरू हो गया।
यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज जेई संजय सिंह ने बताया कि शारदा नदी में देर रात पानी साफ आने के बाद पावर चैनल व नहर की जलापूर्ति शुरू कर दी गई थी जिसके तीन से चार घंटे बाद दोनों विद्युत गृहों में उत्पादन शुरू हो गया था। बताया कि रविवार को शारदा नदी के पानी का पार्ट पर मिनट (पीपीएम) 11600 पहुंच गया था। शारदा नदी का पीपीएम पांच हजार से अधिक होने पर एनएचपीसी के पावर चैनल में पानी छोड़ना बंद किया जाता है जबकि शारदा नहर पर सामान्य अवस्था में पीपीएम 11000 रहता है। पावर चैनल ओर नहर में सिल्ट जमाव को रोकने और टरबाइन के रोटर ब्लेडों को घिसाव से बचाने को मलबे वाले पानी (अधिक पीपीएम) की सप्लाई पावर चैनल व नहर में नहीं की जाती है।
बिजली अधिकारियों पर हो कार्रवाई
बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति की बैठक में आए दिन बिजली गुल होने पर गहरी नाराजगी जताई गई। कहा गया कि तेज हवा, आंधी-तूफान, बारिश होने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। यह समस्या सुलझाने के लिए पूर्व सैनिकों ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कर लोहियाहेड पावर हाउस की पुरानी मशीनों को बदलने की मांग की है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद ने कहा कि क्षेत्र में 48 घंटों तक बिजली गुल रहना चिंताजनक है। इससे पेयजल संकट हो रहा है। निजी, सरकारी कार्यालयों समेत बिजली आधारित कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पेड़ों और आबादी से गुजरने वाली बिजली लाइनों को भी हटाने की मांग की।
कैप्टन हरीश कापड़ी ने संचालन किया। बैठक में पूर्व सैनिक जिला पंचायत सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी, कैप्टन गोविंद बल्लभ भट्ट, कैप्टन राजेंद्र सिंह अधिकारी, कैप्टन अमर सिंह, सूबेदार डीडी कापड़ी, बीबी पांडेय, हवलदार भूपाल भट्ट, विक्रम सिंह खाती आदि थे।