चंपावत जिला अस्पताल में डिजिटल पर्ची बनाने के लिए लाइन में लगे मरीज।
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जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मार्च माह की पहली तारीख से डिजिटल पर्ची सेवा लागू तो कर दी गई है, लेकिन अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को डिजिटल पर्ची बनाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। धीमी गति से काम होने के कारण लोगों ने काउंटरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। जिला अस्पताल में पूर्व की तरह मैनुअल तरीके से मरीजों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है और डिजिटल पर्ची सेवा को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है।
पंजीकरण के लिए एक ही काउंटर और कंप्यूटर प्रिंटर की सुविधा होने के कारण एक डिजिटल पर्ची बनने में दस से बीस मिनट लग जा रहे हैं, जिस कारण पंजीकरण काउंटर में मरीजों की खासी भीड़ उमड़ रही है। दूरदराज क्षेत्रों के उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को सर्वाधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार संघ, छात्र संघ और नागरिक संगठनों ने अस्पताल में मरीजों के डिजिटल पंजीकरण के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी का कहना है कि डिजिटल पर्ची बनाने में इंक जेट प्रिंटर का प्रयोग किया जा रहा है, जो काफी समय लेता है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।