टनकपुर (चंपावत)। विचई का बहुचर्चित विरांगना भागीरथी देवी (बुलाकी वाली आमा) हत्याकांड में चार माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। लंबी जांच के दौरान पुलिस ने कई बार जल्द खुलासे के दावे किए लेकिन पुलिस ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब भी हर कोण से जांच की जा रही है।
घर में अकेली रहने वाली विचई निवासी 83 वर्षीय वीरांगना भागीरथी की हत्या 13 मार्च की रात की गई थी। उनका शव 14 मार्च की सुबह घर से दूर हाईवे किनारे पड़ा मिला था। हत्यारा उनके नाक, कान, गले में पहने करीब चार तोला सोने के आभूषण लूट ले गया था। एसएसबी के स्वान दस्ते और फोरेंसिक टीम की जांच के बावजूद आरोपी नहीं मिल सके। घटना की जांच कर रहे कोतवाल चंद्रमोहन सिंह के हवाले से एसएसआई बीएस बिष्ट का कहना है कि जांच में फिलहाल कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है।
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घटना का खुलासा न होने से ग्रामीणों में गुस्सा
टनकपुर (चंपावत)। बुलाकी वाली आमा के नाम से पहचानी जाने वाली विरांगना भागीरथी देवी हत्याकांड के खुलासे के लिए ग्रामीण और मृतका के रिश्तेदार कोतवाली से लेकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन वहां मिले जल्द खुलासे का आश्वासन पूरा नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। ग्रामीणों ने बुलाकी वाली आमा के हत्यारे को पकड़ने में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संवाद
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हत्यारे को पता लगाने को हर कोण से जांच चल रही है। कुछ दिन पूर्व मृतका के परिजनाें को भी बुलाकर पूछताछ की गई है लेकिन कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है जिससे हत्यारे का पता चल सके। कई अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। - देवेंद्र पींचा, एसपी चंपावत।