लोहाघाट के ग्रामीण क्षेत्रों में उरेडा विभाग की ओर से लगाई गई सोलर हाईमास्क लाइट। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्र सोलर हाईमास्ट लाइटों से जगमगाने लगे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या की पहल पर लोहाघाट और चंपावत जिले की दोनों विधानसभाओं के ग्रामीण क्षेत्रों में 74 सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं।
चंपावत जिले में पहली बार सोलर हाईमास्ट लाइटें लगने पर लोगों ने खुशी जताते हुए सरकार की पहल का स्वागत किया है। राज्य अनुसूचित जाति जनजाति उप योजना कार्यान्वयन और अनुश्रवण समिति के सदस्य गोविंद प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या की विशेष पहल पर राज्य योजना के तहत चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 99 लाख रुपये की लागत से सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि लोहाघाट विधानसभा और चंपावत विधानसभा के चारों विकास खंडों के गांवों के मुख्य चौराहों पर यह लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इससे पूर्व मात्र नगर पंचायत और पालिका क्षेत्रों में ही बिजली से जलने वाली हाईमास्ट लाइटें लगी थीं।
बिजली गुल होने पर भी मिलेगा लाभ
लोहाघाट। ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य चौराहों पर हाईमास्ट लाइटें लगने से लोगों को काफी लाभ होगा। जहां बारिश, अंधड, बर्फबारी में बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है। वहीं सोलर हाईमास्ट लाइटों पर इसका असर नहीं पडेगा। यह लाइटें रात के समय जगमगाती रहेंगी। गांवों में हाईमास्ट लाइटें लगने से जहां जंगली जानवर रात में प्रकाश देखकर खेतों में नहीं आएंगे, वहीं चोर भी इन स्थानों पर आने से कतराएंगे।
कोट
राज्य योजना के तहत चंपावत जिले के लोहाघाट विधानसभा में 40 और चंपावत में 34 सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। एक सोलर हाईमास्ट की कीमत करीब 1.34 लाख रुपये है। गांवों में लगाई गई लाइटों की पांच साल तक देखरेख संबंधित कंपनी की रहेगी। चंपावत जिले सहित उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी यह लाइटें लगाई जा रही हैं। - धीरेंद्र सिंह पटवाल, परियोजना अधिकारी उरेडा, चंपावत।