चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत आजादी के बाद भी सड़क सुविधा नहीं होने से 250 परिवारों ने पलायन कर लिया है। गांव में अब मात्र 150 परिवार रह गए हैं। वर्ष 2019 में राज्य योजना के तहत आठ किमी सड़क के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन आज तक सड़क नहीं बन पाई है। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को पांच किमी पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। डोली से गर्भवती महिलाओं, बीमारों को सड़क तक लाते हैं।
ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चार साल में सड़क एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की ओर से चौड़खोला से सन्दर्का तक आठ किमी सड़क का सर्वे कार्य किया गया, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है। अगर सड़क को लेकर कार्यवाही होती तो कोट अमोड़ी, लेक अमोड़ी, सन्दर्का, जैरका, चम्ठोला सहित अन्य गांवों की एक हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलता। इससे नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया।
डोली ही ग्रामीणों के लिए है सहारा
चंपावत। गांव में अगर कोई बीमार या अन्य घटना होती है तो उनके लिए डोली ही एक मात्र सहारा होता है। गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने में कम से दो घंटे का समय लग जाता है। कई बार बार समय से इलाज न मिलने के करण लोगों की मौत हो चुकी है। स्कूली बच्चों को आने जाने में रोज तीन से चार घंटे का समय लग जाते हैं।
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कोट अमोड़ी गांव के लिए सड़क एक सपना बनकर रह गई है। आजादी के बाद सोचा था कि अब सुविधाओं का विस्तार होगा, सड़क के अभाव में मूलभूत सुविधाएं मिलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। - बलदेव भट्ट (75), बुजुर्ग, ग्रामीण
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सड़क सुविधा नहीं होने के कारण गांव की आबादी 150 ही रह गई है। गर्भवती और बीमारों को सड़क तक डोली से ले जाते हैं और इसी तरह डोली से खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांव पहुंचते हैं। - चंद्रमणि भट्ट, ग्रामीण
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अमोड़ी ग्राम पंचायत के लिए चौड़खोला से सन्दर्का तक आठ किमी सड़क के कार्य के लिए सर्वे कार्य पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही ग्राम पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। - प्रकाश भट्ट, जेई प्रांतीय खंड, लोनिवि, चंपावत।
प्रकाश भट्ट, जेई प्रांतीय खंड, लोनिवि, चंपावत।