टनकपुर (चंपावत)। बनबसा से नेपाल सीमा तक बन रही फोरलेन सड़क के दायरे में आ रहे प्रभावितों ने मुआवजे की मांग के लिए तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम सुंदर सिंह के माध्यम से डीएम को भेजे ज्ञापन में मुआवजा मिलने तक सड़क का निर्माण न होने देने और अनशन की चेतावनी दी है।
नेपाल के दोधारा-चांदनी में बन रहे सूखा बंदरगाह को सड़क से जोड़ने के लिए भारत सरकार बनबसा से नेपाल सीमा तक चार किमी फोरलेन सड़क बनवा रही है। इसके दायरे में आ रही नाप भूमि पर बसे ज्यादातर परिवारों को एनएचएआई मुआवजा दे चुकी है लेकिन वन भूमि पर बसे 18 परिवारों को मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे गुस्साए लोगों ने सोमवार को तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया कि मुआवजा मांगने पर प्रशासन और कार्यदायी संस्था एनएचएआई के अधिकारी टालमटोली कर रहे हैं।
बताया कि मुआवजा दिए बिना उनके मकानों को तोड़कर उन्हें बेघर करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसलिए वह मुआवजा मिलने तक सड़क नहीं बनने देंगे। इसके लिए अनशन तक की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन में चंद्रशेखर बिष्ट, हरिप्रिया जोशी, रमेश राम, जगदीश भट्ट, हरीश खाती, अशोक कश्यप, रमेश राम, भुवन जोशी, विकास कश्यप, चंद्रशेखर भट्ट आदि शामिल थे।
सड़क के दायरे में आ रहे परिवारों को मुआवजा दिलाने की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ की ओर से एनएचएआई को पत्र भेजा जाना है। इसके लिए डीएफओ से आग्रह किया गया है। जल्द ही वंचित परिवारों को भी मुआवजा दिलाया जाएगा। - सुंदर सिंह, एसडीएम टनकपुर।