अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। प्रदेश के खेल व शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने माना कि उत्तराखंड में वेंटिलेटर, पर्सनल प्रोटेक्शन किट, मास्क सहित जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है। बावजूद इसके सरकार कोरोना वायरस (कोविद-19) के खतरे से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। सरकार डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का लिए हालात के हिसाब से तैनाती कर रही है।
पिथौरागढ़ जाते वक्त सोमवार को चंपावत के खेतीखान तिराहे में अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना के खतरों से निपटने के लिए सरकार सबसे कारगर बचाव की प्रणाली सोशल डेस्टेंसिंग का सहारा ले रही है। आवाजाही को पूरी तरह रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि भूख और बेरोजगार हो चुके मजदूरों को जहां हैं-वहीं रोकने के लिए चंपावत के डीएम को सभी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मजदूरों की भोजन और रहने की समुचित व्यवस्था सरकार कर रही है। इसलिए मजदूरों को कतई चिंतित होने की जरूरत नहीं है। भोजन बनाने के लिए चंपावत सहित पूरे प्रदेश में स्कूलों की भोजन माताओं को लगाया जा रहा है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि जिले की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।