चंपावत। गांवों के पास हाईस्कूल के आगे की पढ़ाई करने का छात्र-छात्राओं का सपना इस शिक्षा सत्र में पूरा नहीं हो सका। एक साल पहले जिले के सात राजकीय हाईस्कूल के उच्चीकरण का एलान होने के बावजूद ये स्कूल उच्चीकृत नहीं हो सके। इस वजह से विद्यार्थियों को इस बार भी पहले की तरह तीन से छह किमी की दूरी तय करनी होगी। जिले में फिलहाल 105 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल 31 अगस्त 2022 को चंपावत जिले के सात राजकीय हाईस्कूल को उच्चीकृत करने का एलान किया था। इनमें फुंगर, सल्ली, मौराड़ी, तलियाबांज, पल्सों, गोली, धूरा के स्कूल शामिल थे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ होता। सीएम की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा लेकिन एक साल से अधिक समय बाद भी प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिल सकी। इस कारण जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की अपने गांव के पास इंटर की पढ़ाई करने की तमन्ना इस बार भी पूरी नहीं हो सकी। इस कारण उन्हें हाईस्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए तीन से छह किमी दूर जाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सात राजकीय हाईस्कूल के उच्चीकरण के प्रस्ताव तैयार कर मंडलीय निदेशक को भेजे गए थे। निदेशालय से स्वीकृति मिलने के बाद उच्चीकृत स्कूल खुलने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। - आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।
बिरगुल हाईस्कूल के उच्चीकरण का भी हो चुका एलान
चंपावत। सात राजकीय हाईस्कूल का तो उच्चीकरण नहीं हुआ लेकिन एक और स्कूल को उच्चीकृत करने का एलान किया गया है। लधौली दौरे पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 अगस्त को राजकीय हाईस्कूल बिरगुल को इंटर का दर्जा देने का एलान किया था। यहां के लोगों को उम्मीद है कि सीएम की घोषणा जल्द पूरी कराई जाएगी।