टनकपुर (चंपावत)। नलकूप और बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा बस्तिया के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बिल जमा नहीं होने से ट्यूबवेल का कनेक्शन कट गया है। इस कारण लोगों के समक्ष एक सप्ताह से पेयजल का संकट गहरा गया है। यह बिल छह साल पुराना 2017 का है। भुगतान में विलंब को लेकर दोनों विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं ट्यूबवेल का कनेक्शन जल्द नहीं जोड़ा गया तो भविष्य में किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट भी खड़ा हो जाएगा।
बिजली विभाग का नलकूप विभाग पर बस्तिया ट्यूबवेल का करीब सात लाख रुपये बिल का बकाया है जिसकी वसूली के लिए बिजली विभाग ने एक सप्ताह पहले ट्यूबवेल का कनेक्शन काट दिया। इससे ग्रामीण के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम प्रधान कविता धौनी ने बताया कि इस ट्यूबवेल से गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं जबकि ज्यादातर लोग इसके पानी को पीने के उपयोग में भी लेते हैं। एक सप्ताह से ट्यूबवेल बंद होने से पेयजल संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ट्यूबवेल का कनेक्शन शीघ्र जुड़वाने की गुहार लगाई है।
नलकूप विभाग पर करीब सात लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। बिल का भुगतान नलकूप विभाग के स्थानीय खंड के सत्यापित करने पर देहरादूून मुख्यालय से होता है लेकिन स्थानीय खंड की ओर से बिलों को सत्यापित कर भेजा ही नहीं गया जिस कारण भुगतान लंबित है।
-विकास भारती, एसडीओ विद्युत खंड टनकपुर।
बिल का लंबित भुगतान वर्ष 2017 का है। बिजली विभाग की ओर से बिल उपलब्ध नहीं कराए जाने से भुगतान लंबित है। बिल मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। बिल मिलते ही भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
-बीएल गंगवार, एसडीओ नलकूप खंड, टनकपुर।