टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर से सिंगरौली और शक्तिनगर तक चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को रेलवे ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया है। इससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
बृहस्पतिवार को टनकपुर से त्रिवेणी एक्सप्रेस को ऑपरेशन रक्षक पुरस्कार से सम्मानित नंदन सिंह डांगी, असम राइफल्स के सेना मेडल सूबेदार मेजर गोपाल दत्त शर्मा (सेवानिवृत्त) और सेना मेडल नवीन चौहान, यूएनओ मिशन से पुरस्कृत सुरेश चंद्र राय, केशव भंडारी, चंद्र शेखर गहतोड़ी आदि ने हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।
टनकपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि त्रिवेणी एक्स. से पुराने कोच हटाकर नई जर्मन तकनीक के आईसीएफ रैक (इंटीग्रल कोच फैक्टरी) और एलएचबी (लिंके हॉफनैन बुश) कोच लगाए गए हैं। इसमें नौ एसी, चार जनरल, आठ स्लीपर कोच हैं।
इस मौके पर रेलवे के मंडल वाणिज्य निरीक्षक पुष्पराज सिंह, मुख्य यातायात निरीक्षक पीके चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
कम यात्रियों के चलते बनबसा में नहीं रुकेगी त्रिवेणी एक्सप्रेस
बनबसा (चंपावत)। त्रिवेणी एक्सप्रेस के बनबसा में ठहराव (स्टापेज बनाने) की मांग रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की संख्या कम होने के चलते ठुकरा दिया है। इज्जत नगर बरेली स्थित मंडल रेल प्रबंधक वाणिज्य कार्यालय से उत्तराखंड के सीएम के अपर सचिव जगदीश चंद्र कांडपाल को भेजे पत्र से इसकी पुष्टि हुई है।
पत्र में लिखा है कि गाड़ी संख्या 15076/1574 त्रिवेणी एक्सप्रेस का बनबसा स्टेशन पर ठहराव के लिए जांच कराई गई। इसमें प्रतिदिन केवल 10 से 12 यात्रियों के मिलने की पुष्टि हुई है। जो मानक से कम होना पाया गया। लिखा है कि बनबसा से नौ किमी टनकपुर और चार किमी. दूर अगला ठहराव खटीमा है जिससे बनबसा में इस ट्रेन का ठहराव देने का वाणिज्य औचित्य नहीं है।
नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल ने शासन प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों से बनबसा में त्रिवेणी एक्सप्रेस के स्टापेज के लिए पत्राचार किया था।
सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने भी इस संबंध में सांसद और रेलवे बाेर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा था। नागरिकों ने कहा कि बनबसा में त्रिवेणी एक्सप्रेस का स्टापेज नहीं होने से लोग रिजर्वेशन के लिए टनकपुर या खटीमा जाते हैं। इससे बनबसा स्टेशन में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या कम प्राप्त हो रही है।