चंपावत। जिला अस्पताल में चिकित्सकों समेत नर्सिंग अधिकारियों ने लोकपर्व के दिन मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी। ज्यादातर चिकित्सक बाहरी जिलों के थे। ऐसे में वह अपने मत का प्रयोग किसी भी माध्यम से नहीं कर पाए। मतदान के लिए भी इन्होंने किसी प्रकार का कोई आवेदन भी नहीं किया था। चिकित्सक अपने कक्ष में बैठ मरीजों के आने का इंतजार करते रहे। उनका कहना था कि ऐसे में उन्होंने मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी। चिकित्सक अस्पताल में बैठकर राज्य में प्रत्याशियों की जीत को लेकर परिचर्चा करते रहे। आखिर जीतेगा कौन। इस दौरान कभी कभार मरीज आते रहे तो उनका इलाज भी चर्चा के साथ चलता रहा। संवाद