चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। नेपाल सीमा से लगी टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर तीन नए पुल बनाए जाएंगे। लधिया के गधेरे में 24-24 मीटर के तीन पुल बनाने से इस सड़क पर बरसात में गधेरे के उफान पर आने से यातायात पर असर नहीं पड़ेगा। इससे सड़क पर आवाजाही बाधित होने का खतरा नहीं रहेगा।
प्रस्तावित पंचेश्वर बांध का डूब क्षेत्र तय नहीं होने से 132 किमी की टनकपुर-जौलजीबी सड़क का काम जौलजीबी के बजाय टनकपुर से 55 किमी दूर रूपालीगाड़ तक किया जा रहा है। टनकपुर से ठुलीगाड़ तक 12 किमी सड़क पहले ही बन चुकी है। ठुलीगाड़ से चूका के 18.600 किमी का काम हो चुका है जबकि 24.400 किमी लंबे चूका-रूपालीगाड़ सड़क के दूसरे चरण का काम चल रहा है।
बता दें कि टनकपुर-जौलजीबी रोड के मूल प्रस्ताव में ये पुल नहीं थे लेकिन वर्ष 2013 की आपदा के बाद बदले हालात के मद्देनजर विभाग ने इस प्रस्ताव को भेजा था जिसे भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है। लोनिवि की पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि प्रत्येक पुल की लंबाई 24 मीटर होगी। संवाद
कोट
टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर चूका से रूपालीगाड़ के बीच आमड़ा, तरकुली और आमीन में बनने वाले इन तीन पुलों को भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है। अब इन पुलों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। इन पुलों के बनने से आवाजाही सुचारू होगी। - आदर्श गोपाल, ईई, पीआईयू, टनकपुर।
55 करोड़ रुपये बढ़ गई टनकपुर-जौलजीबी सड़क की लागत
चंपावत। वर्ष 2016 से शुरू टनकपुर-जौलजीबी रोड के काम में हुई देरी और नए पुलों की वजह से लागत में 55.27 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पीआईयू के ईई का कहना है कि टनकपुर-जौलजीबी सड़क का मूल आगणन 252.81 करोड़ रुपये था। इसे अब बढ़ाकर 308.08 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस बढ़े बजट को भारत सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है।