सरड़ा नदी किनारे किए जा रहे बाढ़ सुरक्षा के कार्य। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। जिले के दूरस्थ ग्राम सभा बुढम के तोक कठोल और किचैल में बरसात के मौसम में इस बार सरड़ा नदी के भू-कटाव पर अंकुश लग सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर सिंचाई विभाग ने स्पर और वायरक्रेट बनाने का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। मार्च के पहले पखवाड़े तक कार्य पूर्ण होने के बाद लोकार्पण की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि कुछ वर्षों से जिले में बरसात के मौसम में नदी-नाले उफान पर आने से भू कटाव और बाढ़ की समस्या अधिक आ रही है। ग्रामीण अपनी जमीन को कटाव से बचाने के लिए निरंतर बाढ़ सुरक्षा कार्य की मांग उठाते रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमंत्री धामी ने दूरस्थ बुढम ग्राम सभा के तोक कठोल और किचैल में बाढ़ सुरक्षा कार्य की घोषणा की थी।
इस मामले में सिंचाई विभाग के एसडीओ आरके यादव ने बताया कि विभाग की ओर से 2.566 करोड़ की योजना बनाई गई थी। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया और वर्तमान में 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
इसमें सरड़ा नदी से दोनों ताकों की बाढ़ सुरक्षा के लिए 20 स्पर वायरक्रेट 15 मीटर लंबे बनाए गए हैं। इससे वर्तमान में चार हेक्टेयर समेत कुल 10 हेक्टेयर भूमि का कटाव से बचाव होगा। इसके साथ ही बरसात में इस बार से कटाव पर कुछ हद तक अंकुश लग सकेगा। संवाद