चंपावत। पिछले दिनों हुई बारिश से पेयजल की 40 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई थी। तीन दिन बाद भी 22 योजनाएं ठीक नहीं हुई है। इसके चलते यहां से 51 किमी दूर सूखीढांग क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित शंकर जोशी का कहना है कि कई गांवों में लोग स्टैंड पोस्टों से जीप में मोटी रकम खर्च कर पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
दौगाड़-बृजनगर-बमनजौल पेयजल लाइन के तीन दिन से टूटे होने से सूखीढांग, श्यामलाताल, कांडा, बनकटिया, बमनजौल, बृजनगर, आमखर्क, सिलाड़ आदि गांवों में पेयजल किल्लत गहरा गया है। इससे तीन हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान दीपक कुमार, जगदीश प्रसाद, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा जोशी, रविशंकर पांडेय आदि ने टूटी पेयजल योजना को जल्द ठीक करने की मांग की है।
जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस का कहना है कि बारिश से टूटी पेयजल लाइनों को ठीक करने के लिए टीम भेजी गई है। दो दिन के भीतर लाइन की मरम्मत हो जाएगी।
कठौल क्षेत्र में बिजली गुल, 35 से अधिक परिवार परेशान
चंपावत। कठौल, ब्यानधूरा आदि क्षेत्रों में एक सप्ताह से अधिक समय से लोगों की रात अंधेरे में कट रही है। इसके चलते छात्रों की पढ़ाई से लेकर गांव के लोगों का रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। ब्यानधूरा के पुजारी पंडित दयाकिशन जोशी ने बताया कि बिजली गुल होने से इलाके के 35 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बिजली आपूर्ति अविलंब बहाल करने की मांग की है।
ऊर्जा निगम के जेई आरसी पंत का कहना है कि बरसात में बिजली के पोल गिरने से आपूर्ति पर असर पड़ा है। मौसम खराब होने से मौके पर खंभों को नहीं पहुंचाया जा सका है। अब मौसम सही होने पर खंभों को पहुंचाया जा रहा है। एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।