लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में सीमित संख्या में अल्ट्रासाउंड होने से दूरदराज स्थानों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए पूर्व की भांति अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किए जाने की मांग की है।
उप जिला अस्पताल में लोहाघाट ब्लाक के अलावा पाटी और बाराकोट ब्लाकों से गर्भवती महिलाएं और अन्य रोगी अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड न होने से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। किशोरी देवी, ज्योति उपाध्याय, कमला देवी, सुनीता देवी का कहना है कि अस्पताल में पहले आने वाली 30 महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करने का नया नियम बना दिया गया है जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से गाड़ियां बुक कर किराया खर्च कर पहुंचने के बावजूद उनके अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रखोलिया के तबादले से बढ़ी दिक्कतें
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में करीब एक माह पूर्व तक प्रतिदिन गर्भवती महिलाओं व सामान्य रोगियों के 40 से 70 तक अल्ट्रासाउंड होते थे। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया की ओर से गर्भवती महिलाओं की दिक्कतों को देखते हुए देर शाम तक भी अल्ट्रासाउंड किए गए। डॉ. रखोलिया का टनकपुर स्थानांतरण होने के बाद अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 अल्ट्रासाउंड का नियम बना दिया गया है। संवाद
अस्पताल में सुबह आठ बजे से तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। प्रत्येक अल्ट्रासाउंड में कम से कम 15 मिनट का समय लग रहा है। प्रतिदिन पहले आने वाले 30 लोगों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। अब सोमवार, मंगलवार, बुधवार को लोहाघाट ब्लाक और शेष तीन दिन पाटी और बाराकोट ब्लाक की गर्भवती महिलाओं व अन्य लोगों के अल्ट्रासाउंड के लिए दिन निर्धारित किए हैं। निर्धारित दिनों में अन्य ब्लाकों से आने वाले इमरजेंसी के रोगियों के अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे।
- डॉ. जुनैद कमर, चिकित्साधीक्षक, लोहाघाट।