चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। रीठा साहिब का विख्यात गुरुद्वारा पूरे चंपावत जिले को देश में अलग पहचान देता है लेकिन संकरी सड़क यहां आने वाली तीर्थ यात्रियों की राह को दुष्कर बनाती है। इस स्थिति में अब बदलाव हो रहा है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाए जाने के लिए मंजूरी मिल गई है।
चंपावत से 75 किमी दूर रीठा साहिब जाने के लिए खेतीखान के पास धूनाघाट होते हुए गुजरना होता है लेकिन धूनाघाट से रीठा साहिब तक 43 किमी की सड़क के बुरे हाल हैं। डामर सहित इस सड़क की चौड़ाई छह मीटर है। संकरी के अलावा घुमावदार सड़क होने से वाहनों की आवाजाही में मुश्किल रहती है। ऐसी दिक्कतों को दूर करने के लिए धूनाघाट से रीठा साहिब तक की सड़क को मानसखंड परियोजना के अंतर्गत चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संवाद
1505 में रीठा साहिब पधारे थे गुरु नानक देव
चंपावत। रीठा साहिब की धरती सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की साधना और चमत्कारों का समागम रही है। यहां का गुरुद्वारा चंपावत जिले को आध्यात्मिक पहचान देता है। वर्ष 1505 में खुद गुरु नानक यहां पधारे थे। गुरु जी के आध्यात्मिक चमत्कार के बाद यहां के कड़ुवे रीठे मीठे हो गए थे। यही रीठे गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद में दिए जाते हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जोड़ मेला सबसे प्रसिद्ध मेला है।
यह भी जानें
धूनाघाट-रीठा साहिब सड़क 43 किमी लंबी है।
सड़क की वर्तमान चौड़ाई छह मीटर है जिसे अब 10 मीटर किया जाएगा।
हर साल इस सड़क से दो लाख से अधिक तीर्थयात्री गुजरते हैं।
तीर्थ यात्रियों के अलावा बिरगुल, भिंगराड़ा, रीठा साहिब आदि क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।
धूनाघाट-रीठा साहिब सड़क को सिंगल लेन से टू लेन का किया जा रहा है। मानसखंड परियोजना के अंतर्गत इसकी चौड़ाई छह मीटर से बढ़ा कर 10 मीटर करने के लिए सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद भूमि हस्तांतरण और आगणन का कार्य होगा। - मनोज बिष्ट, सहायक अभियंता, लोनिवि, चंपावत।