पूर्णागिरि मार्ग पर उफनाए थ्वालखेड़ा के नाले में साइकिल को कंधे पर लेकर पार करता ग्रामीण। (संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। भारी बारिश से पूर्णागिरि मार्ग पर शनिवार को आवाजाही ग्यारह घंटे ठप रही। बाटनागाड़ में आए मलबे से सुबह छह बजे से बंद मार्ग शाम पौने पांच बजे खुला। इधर, खतरे को देखते हुए फिलहाल पूर्णागिरि धाम में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। एसडीएम हिमांशु कफलिटया ने बताया कि बाटनागाड़ और पूर्णागिरि मार्ग पर नाले उफान पर आने के कारण शुक्रवार रात से पूर्णागिरि धाम की आवाजाही रोक दी गई है। पूर्णागिरि जाने वालों को ककरालीगेट पर ही रोक दिया गया है।
पूर्णागिरि मार्ग पर गैडाखाली, थ्वालखेड़ा और नायकगोठ नालों के उफान पर आने से टनकपुर से ठुलीगाड़ की आवाजाही दो घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। पैदल आवाजाही पर भी असर पड़ा। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि टनकपुर के हालात को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को मुस्तैद किया गया है। नाले के उफान पर आने पर पुलिस बल एहतियातन बैरियर लगाकर आवाजाही रोक रहा है। इधर टनकपुर की कई सड़कों पर जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। नागरिकों को जलभराव के बीच ही पैदल जाने को मजबूर होना पड़ा है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग दो घंटे बंद रहा
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार रात दो घंटे बंद रहा। मलबा आने से स्वांला के पास शुक्रवार रात सवा नौ बजे बंद हुई सड़क रात करीब 11 बजे खुल सकी। शनिवार को भी दोपहर में यह सड़क पत्थरों के गिरने से करीब 15 मिनट बाधित रही। चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें शनिवार सुबह बंद थी। पांच सड़कें शाम तक खोल दी गई। धौन-दियूरी सड़क अब भी बंद है।